नैनीताल , मार्च 19 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को अपने से निचले पद पर केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के मामले में गुरुवार को सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से शपथ पत्र पेश करने को कहा है।

पुलिस महानिरीक्षक पद पर तैनात क्रमशः वर्ष 2005 और 2006 के आईपीएस अधिकारी नीरू गर्ग एवं अरुण जोशी की ओर से दायर याचिका पर मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई।

आज केन्द्र सरकार की ओर से कहा गया कि दोनों के वेतन में कोई कटौती नहीं होगी। उन्हें वहीं वेतन दिया जाएगा जितना प्रदेश सरकार की ओर से दिया जा रहा है। इसके बाद अदालत ने केंद्र सरकार को इस मामले में शपथ पत्र पेश करने के निर्देश दे दिए।

यहां बता दें कि याचिकाकर्ताओं की ओर से प्रदेश सरकार के 06 मार्च 2026 के आदेश को पृथक-पृथक याचिका दायर कर चुनौती दी गई है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार ने उन्हें केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर भेजने के आदेश कर दिए हैं और यह निर्णय करने से पहले उनका पक्ष नहीं सुना गया है और उन्हें एक पद नीचे प्रतिनियुक्ति दी जा रही है। जो कि गलत है।

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