मुंबई , जनवरी 31 -- निजी क्षेत्र के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में 48 प्रतिशत बढ़कर 503 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
बैंक के निदेशक मंडल की शनिवार को हुई बैठक में वित्तीय परिणामों को मंजूरी प्रदान की गयी। इसमें बताया गया है कि तिमाही के दौरान ब्याज से प्राप्त कुल आय 10,417 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले की तुलना में 11.5 प्रतिशत अधिक है।
तिमाही के दौरान बैंक द्वारा दिये गये ऋण में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 2,79,428 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) का अनुपात 1.94 प्रतिशत से घटकर 1.69 प्रतिशत पर आ गया जबकि शुद्ध एनपीए 0.52 प्रतिशत से बढ़कर 53 प्रतिशत पर पहुंच गया।
अक्टूबर दिसंबर के दौरान ग्राहकों द्वारा बैंक में जमा राशि 24.35 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ 2,82,662 करोड़ रुपये रही। इसमें चालू खातों और बचत खातों में जमा राशि 32.96 फीसदी बढ़कर 1,50,350 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी. विद्यानाथन ने कहा कि बैंक के सभी प्रमुख कारोबारों में मजबूत वृद्धि दर्ज की गयी है। इनमें ऋण, जमा, धन प्रबंधन, ट्रांजेक्शन बैंकिंग शामिल हैं।
बैंक की पूंजी लागत एक साल पहले के 6.49 प्रतिशत से घटकर 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में 6.11 प्रतिशत रह गयी है। श्री विद्यानाथन ने कहा कि बचत पर ब्याज दरों में गिरावट के कारण आने वाले समय में पूंजी लगात और कम होगी जिससे बैंक के लिए ऋण देना ज्यादा आसान होगा।
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