मुंबई , अप्रैल 22 -- घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को आईटी कंपनियों में बड़ी बिकवाली देखी गयी जिससे प्रमुख सूचकांक करीब एक फीसदी टूट गये और एचसीएल टेक्नोलॉजीज में तकरीबन 11 प्रतिशत की गिरावट रही।
कमजोर वित्तीय परिणाम के कारण एचसीएल टेक्नोलॉजीज को करीब 11 प्रतिशत का नुकसान उठाना पड़ा। कंपनी को गत 31 मार्च को समाप्त तिमाही में 900 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इसकी मुख्य वजह विदेश में एक पुराने कर मामले में 5,733 करोड़ रुपये का भुगतान रहा। इसी मामले में वह 703 करोड़ रुपये का भुगतान पहली तीन तिमाहियों में कर चुकी है।
एचसीएल टेकनोलॉजीज के साथ दूसरी आईटी कंपनियों और बैंकों में बिकवाली से बीएसई का सेंसेक्स 756.84 अंक (0.95 प्रतिशत) गिरकर 78,516.49 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 198.50 अंक यानी 0.81 प्रतिशत टूटकर 24,378.10 अंक पर आ गया।
दिग्गज कंपनियों के विपरीत वृहत बाजार में लिवाली का जोर रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक में 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट रही जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.13 फीसदी ऊपर बंद हुआ।
आईटी सेक्टर का सूचकांक चार प्रतिशत के करीब लुढ़क गया। बैंकिंग, ऑटो, वित्त और स्वास्थ्य समूहों के सूचकांक भी टूट गये। एफएमसीजी, मीडिया, धातु, रियलटी, तेल एवं गैस और रसायन समूहों में तेजी रही।
सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज के अलावा दूसरी आईटी कंपनियों में इंफोसिस का शेयर करीब साढ़े तीन प्रतिशत, टीसीसीएस का तकरीबन तीन प्रतिशत और टेक महिंद्रा का ढाई प्रतिशत टूट गया। महिंद्रा एंड महिंद्रा में तीन प्रतिशत की गिरावट रही।
आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, भारती एयरटेल, आईटीसी, इंडिगो और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत तक गिर गये। बजाज फिनसर्व, भारतीय स्टेट बैंक, बीईएल, मारुति सुजुकी, टाइटन, बजाज फाइनेंस और अडानी पोर्ट्स के शेयर भी लाल निशान में रहे।
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