नारायणपुर , जनवरी 30 -- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में नक्सल विरोधी अभियान के तहत 44वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को बड़ी सफलता मिली है।

विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर शुक्रवार को कुमनार क्षेत्र में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया। यह पूरा अभियान बिना किसी जनहानि अथवा सुरक्षा बलों को क्षति के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्तर क्षेत्र से तीन से चार नक्सलियों के कत्तकल गांव के कुमनार एक्सिस क्षेत्र में आने की सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर फॉरवर्ड सीओबी धोबे से 44वीं वाहिनी आईटीबीपी की ऑप्स ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्व नियोजित एरिया डोमिनेशन पैट्रोल में आवश्यक संशोधन किया और सघन तलाशी अभियान शुरू किया।

अभियान के दौरान एक टीम ने कुमनार गांव के आसपास व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया, जबकि दूसरी अतिरिक्त टीम को बीडीडीएस दस्ता के साथ सीओबी धोबे से रवाना किया गया। मुनार गांव के समीप एक संदिग्ध नक्सल डंप का पता चलने पर पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी और सुरक्षा सुनिश्चित करने की कार्रवाई की गई।

तलाशी के दौरान नक्सल ठिकाने से वीएचएफ सेट, संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री, डेटोनेटर, सेफ्टी फ्यूज, नक्सली साहित्य, वर्दी, दवाइयां, दैनिक उपयोग की सामग्री और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए कुछ अनुपयोगी सामग्री को मौके पर ही नियमानुसार नष्ट किया गया।

सभी सुरक्षा मानकों और बीडीडीएस क्लीयरेंस के बाद शेष सामग्री को सुरक्षित रूप से सीओबी लाया गया।

इस संपूर्ण कार्रवाई में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी जवान सुरक्षित लौटे। बरामद नक्सली सामग्री को विधिवत जब्ती मेमो के साथ नारायणपुर पुलिस को सौंपा जा रहा है, ताकि आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सके। क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से आगे भी सघन सर्च ऑपरेशन जारी रखने की योजना है।

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