नयी दिल्ली , सितंबर 26 -- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) में तीन दिवसीय 7वें नदी उत्सव का शनिवार को समापन हुआ। समापन समारोह में आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि नदी उत्सव का उद्देश्य नदी के साथ समाज के संबंध को पुनर्जीवित करना है।
उन्होंने कहा कि नदियां केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि सभ्यता, संस्कृति और स्मृतियों का अभिन्न हिस्सा हैं। समाज को भी नदियों के संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
यमुना रिवर इनिशिएटिव की मानद सचिव अम्बिका पंत ने कहा कि उनकी पहल का उद्देश्य बच्चों का नदी से टूटा संबंध फिर जोड़ना है।
उत्सव के डॉक्यूमेंट्री फिल्म फेस्टिवल 'द रिवर ऐज एन आर्काइविस्ट' में देवांग सैकिया की असमी फिल्म 'नॉयर कथा - टेल्स ऑफ द रिवरिन' और बिश्वजीत दास की असमी फिल्म 'ह्वेयर डिड अवर रिवर फ्लो टू' को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार मिला। जयश्री बोरगोहेन की नेपाली फिल्म 'ह्वेन इट ऑल वेंट डार्क' को द्वितीय और सलमा सुल्ताना की हिंदी-बांग्ला फिल्म 'बराक : बियॉन्ड द मैप' को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
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