पटना, जून 18 -- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को अत्याधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। श्री कुमार ने बताया कि पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में चार महीने पहले शुरू की गई एआई आधारित रोबोटिक्स फिजियोथेरेपी सेवा स्पाइन, स्ट्रोक और पैरालाइसिस से पीड़ित मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है।
इस मशीन को 60 लाख रुपये की लागत से आईजीआईएमएस में स्थापित किया गया है, इस अत्याधुनिक रोबोटिक्स मशीन के माध्यम से मरीजों को आधुनिक फिजियोथेरेपी उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस तकनीक से मरीजों की रिकवरी पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी ढंग से हो रही है। यह विशेष रूप से लकवा, पैरालाइसिस, स्ट्रोक तथा रीढ़ की गंभीर चोट से पीड़ित मरीजों के उपचार में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।
पूर्व में फिजियोथेरेपी तकनीक की आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए मरीजों को राज्य से बाहर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई या वेल्लोर जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता था, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और मीडिल क्लास परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। अब यह सुविधा बिहार में ही उपलब्ध होने से मरीजों को किफायती दर पर बेहतर इलाज मिल रहा है। पिछले चार महीनों के दौरान 500 से अधिक मरीजों ने रोबोटिक्स फिजियोथेरेपी से लाभ उठाया है और कई मरीज सामान्य जीवन की ओर लौटने में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह तकनीक बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई क्रांति की शुरुआत है।
मंत्री ने कहा कि आईजीआईएमएस में स्थापित वर्चुअल रिहैबिलिटेशन सिस्टम फॉर स्पाइन पेन, स्ट्रोक एवं अन्य प्रकार के पैरालाइसिस के उपचार के लिए विकसित यह तकनीक देश एवं दुनिया के आधुनिक अस्पतालों में उपयोग की जाती रही है। उन्होंने कहा कि अब बिहार के मरीज भी इस सुविधा का लाभ अपने राज्य में ही उठा रहे हैं। राज्य सरकार का संकल्प है कि बिहार के लोगों को बेहतर, आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे उन्हें उपचार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ऐसी और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य के अन्य अस्पतालों में भी किया जाएगा।
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