नयी दिल्ली , मई 26 -- इंडियन फॉरेस्ट सर्विस बेनेवोलेंट एंड वेलफेयर ट्रस्ट' (आईएफएसबीडब्ल्यूटी) ने देश में जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करने वाले अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों के खिलाफ हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से मांग की है कि इन वीरों को भी सेना और पुलिस के जवानों के समान ही सम्मान और संस्थागत सहयोग मिलना चाहिए।

ट्रस्ट ने यहां प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि देश में हर साल औसतन 15 से 20 फ्रंटलाइन वनकर्मी ड्यूटी के दौरान शहीद हो जाते हैं या गंभीर रूप से घायल होते हैं, लेकिन देश में संगठित वन प्रशासन के 160 से अधिक वर्षों के इतिहास के बावजूद, पुलिस और रक्षा प्रतिष्ठानों की तरह वनकर्मियों के लिए ऐतिहासिक रूप से कोई समर्पित कल्याणकारी तंत्र नहीं रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित