लखनऊ , जून 02 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित निःशुल्क आईएएस/पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना युवाओं के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। अगस्त 2026 से शुरू होने वाली इस योजना के लिए अभ्यर्थियों में उत्साह देखा जा रहा है और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में लगातार भागीदारी बढ़ रही है। समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क आवासीय कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में इस योजना के लिए कुल 865 सीटें निर्धारित की गई हैं। इनमें 25 प्रतिशत सीटें लेटरल एंट्री के लिए आरक्षित हैं, जिन पर ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा जिन्होंने सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है और मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार एक जून तक कुल 5513 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है, जबकि 2848 अभ्यर्थियों ने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर अंतिम रूप से आवेदन लॉक कर दिया है। इच्छुक अभ्यर्थी 18 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन परीक्षा पांच जुलाई को आयोजित की जाएगी।
श्री सिंह ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी कोचिंग संस्थानों में भारी खर्च करना पड़ता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार की यह योजना ऐसे अभ्यर्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और आवासीय सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी राह आसान बना रही है।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य आर्थिक अभाव के कारण किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के सपनों को बाधित होने से बचाना है। चयनित अभ्यर्थियों को अनुभवी शिक्षकों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।
समाज कल्याण विभाग के अनुसार चयन प्रक्रिया और कोचिंग संचालन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा प्रशासनिक सेवाओं में सामाजिक समावेशन को मजबूत करना है।
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