पटना , सितंबर 10 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) होटल मामले में दिल्ली की अदालत की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाने पर गुरुवार को कहा कि इससे राजद की कथित भ्रष्टाचार राजनीति और उनके शासनकाल में भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर सवाल सामने आ गए हैं।
श्री सरावगी ने आज कहा कि यह महज राजनीतिक बयान का विषय नहीं, बल्कि अदालत में चल रही न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा मामला है। अदालत ने आरोप तय किए हैं और अब मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। अंतिम फैसला न्यायालय को करना है, लेकिन राजद को यह बताना चाहिए कि उसके शीर्ष नेताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले बार-बार क्यों सामने आते रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजद के पास बिहार की जनता के सामने विकास का कोई मॉडल नहीं है। उसके राजनीतिक इतिहास में परिवारवाद, जातिवाद और सत्ता के कथित दुरुपयोग के आरोप प्रमुख रहे हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव से सवाल किया कि जब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े मामले अदालत में विचाराधीन हैं तो हर जांच और न्यायिक कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताकर उससे बचने की कोशिश क्यों की जाती है।
श्री सरावगी ने कहा कि बिहार की जनता सब देख रही है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य विकास, सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर राजद अपने पुराने राजनीतिक तौर-तरीकों से बाहर नहीं निकल पाई है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका अपना काम कर रही है और जांच एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। राजद को भी कानून की प्रक्रिया का सम्मान करते हुए जांच और मुकदमे का सामना करना चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजद को परिवार को बचाने की राजनीति छोड़कर बिहार के भविष्य की चिंता करनी चाहिए। बिहार की जनता अब भ्रष्टाचार और परिवारवाद नहीं, बल्कि विकास और सुशासन चाहती है।
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