चेन्नई/नयी दिल्ली , जून 22 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास, ने सोमवार को नयी दिल्ली स्थित सेना के अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल) को स्वदेशी रूप से विकसित 25 'वाईडी वन' अल्ट्रा-लाइटवेट व्हीलचेयर सौंपी हैं।
खास तौर पर डिज़ाइन की गई इन व्हीलचेयर का मकसद सशस्त्र बलों के जवानों को चलने-फिरने में मदद करना है। यह वजन में हल्की एक सक्रिय मैनुअल व्हीलचेयर है जिसे आईआईटी मद्रास के टीटीके आर2डी2 सेंटर में बनाया गया है। इन्हें अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के हिसाब से बनाया गया है और इसकी कीमत आयातित उपकरण से काफी कम है।
यह संस्थान द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) साझेदारी के तहत लागू किए जा रहे सौ-व्हीलचेयर कार्यक्रम का पहला हिस्सा है। संस्थान ने कहा कि बाकी 75 व्हीलचेयर आने वाले महीनों में आपूर्ति की जाएंगी। इसे आईआईटी मद्रास के टीटीके सेंटर फॉर रिहैबिलिटेशन रिसर्च एंड डिवाइस डेवलपमेंट (आर2डी2) और थ्रीव मोबिलिटी द्वारा मिलकर विकसित किया गया है।
इस पहल की अहमियत बताते हुए सेना अस्पताल के कमांडेंट, लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास ने कहा, "आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए व्यक्ति का खुद से घूमना फिरना जरूरी है ।हम आईआईटी मद्रास और फिसर्व के इस योगदान का स्वागत करते हैं, जो भारत में डिज़ाइन और बनाए गए उपकरण के ज़रिए हमारे मरीज़ों और उनके परिवारों को चलने फिरने में प्रत्यक्ष तौर पर मदद करेगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित