वाराणसी , जून 28 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) के प्रशासनिक भवन के समीप स्थित ऐतिहासिक एवं आस्था के केंद्र सरोवर का नामकरण रविवार को 'अनन्त सरोवर' के रूप में किया गया।
इस अवसर पर आयोजित समारोह में संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा, मुख्य अतिथि प्रो. श्रीकांत लेले, संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अधिष्ठाता (संकाय कार्य) प्रो. एन.के. मुखोपाध्याय ने बताया कि सरोवर का नाम देश के प्रख्यात धातुविज्ञानी, शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक एवं संस्थान के पूर्व निदेशक आचार्य प्रो. टी.आर. अनन्तरामन के सम्मान में रखा गया है। उन्होंने वर्ष 1981 से 1986 तक तत्कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक तथा इससे पूर्व धातुकीय अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण सेवाएं दीं।
उनके कार्यकाल में सरोवर का व्यापक जीर्णोद्धार कराया गया था। उन्होंने कहा कि 'अनन्त' शब्द भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में शाश्वतता, स्थायित्व और सनातन मूल्यों का प्रतीक है। मुख्य अतिथि प्रो. श्रीकांत लेले ने कहा कि किसी भी महान शिक्षण संस्थान की पहचान उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ उसकी समृद्ध परंपराओं और उन विभूतियों के सम्मान से भी होती है, जिन्होंने संस्थान के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वहीं, संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि 'अनन्त सरोवर' का नामकरण संस्थान की समृद्ध विरासत, सांस्कृतिक चेतना और वैज्ञानिक परंपरा को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
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