वाराणसी , मार्च 8 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बीएचयू में 6 से 8 मार्च तक 47वीं ऑल आईआईटी प्लेसमेंट कमेटी की बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई।

इस बैठक में देश के 19 आईआईटी से कुल 29 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह बैठक प्लेसमेंट से जुड़े प्रतिनिधियों के लिए एक महत्वपूर्ण साझा मंच साबित हुई, जहाँ उन्होंने इंटर्नशिप एवं भर्ती व्यवस्था से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान किया तथा आईआईटी प्रणाली में इंटर्नशिप और प्लेसमेंट प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर गहन विचार-विमर्श किया।

बैठक का शुभारंभ आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा के संबोधन से हुआ। अपने उद्बोधन में उन्होंने स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती भूमिका, शैक्षणिक पाठ्यक्रम में अधिक व्यावहारिक प्रशिक्षण को शामिल करने की आवश्यकता तथा संस्थानों की प्रतिष्ठा को मजबूत करने में पूर्व छात्रों (एलुमनाई) की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे सामूहिक प्रयास संस्थान की मजबूत पहचान बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं, जिससे छात्रों के लिए बेहतर प्लेसमेंट अवसर सृजित होते हैं।

उद्घाटन सत्र के दौरान प्रो. के. पी. सरवडेकर, उप-समन्वयक (टीपीसी), आईआईटी (बीएचयू) ने ऑल आईआईटी प्लेसमेंट कमेटी की विकसित होती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह मंच विभिन्न आईआईटी संस्थानों को भर्ती एवं इंटर्नशिप प्रक्रियाओं से जुड़ी चुनौतियों का सामूहिक रूप से समाधान खोजने का अवसर प्रदान करता है। बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संयोजक प्रो. जॉन जोस ने चर्चा के प्रमुख विषयों एवं प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।

बैठक के दौरान प्रतिनिधियों ने इंटर्नशिप एवं पूर्णकालिक प्लेसमेंट से जुड़े विविध मुद्दों पर गहन चर्चा की। इसमें उभरते भर्ती रुझान, छात्रों के समक्ष आने वाली चुनौतियाँ तथा विभिन्न आईआईटी में अपनाई जा रही सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया गया। इससे संस्थानों को एक-दूसरे से सीखने तथा अपनी प्लेसमेंट व्यवस्था को और सशक्त बनाने का अवसर प्राप्त हुआ।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित