अहमदाबाद , जनवरी 30 -- गुजरात में आईआईटी गांधीनगर के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग ने बच्चों में विज्ञान और गणित के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के सहयोग से नगर निगम स्कूलों में अनूठी शैक्षणिक पहल शुरू की है।
आईआईटी गांधीनगर की ओर से शुक्रवार को यहां बताया गया कि इसके तहत विद्यालय परिसर को ही सीखने का माध्यम बनाकर बच्चों को समय, गणित और कम्प्यूटेशनल सोच की अवधारणाएँ समझाई जा रही हैं। इस पहल के अंतर्गत थलतेज स्थित अनुपम प्राथमिक विद्यालय नंबर-2 में एक विशाल सूर्यघड़ी (सनडायल) स्थापित की गई है। पुराने टायर से बनी इस सूर्यघड़ी में 12 टाइल्स लगाई गई हैं, जो वर्ष के 12 महीनों का प्रतिनिधित्व करती हैं। छात्र इन टाइल्स पर खड़े होकर अपनी छाया के माध्यम से समय को समझते हैं।
सूर्यघड़ी की स्थापना में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक और छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की है। इसके साथ ही छात्रों ने कागज से सूर्यघड़ियाँ बनाईं और समय मापन से जुड़ी ज्यामितीय अवधारणाओं को समझा। इस दौरान बच्चों को आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और वराहमिहिर जैसे भारतीय गणितज्ञों के योगदान की जानकारी भी दी गई।
इसी तरह, असरवा स्थित एक अन्य नगर निगम विद्यालय में बच्चों को कम्प्यूटेशनल थिंकिंग समझाने के लिए एक गतिविधि विकसित की गई, जिसमें छात्र किसी भी क्रम में प्रवेश करते हैं और क्रमबद्ध रूप में बाहर निकलते हैं। इससे बच्चों को यह समझने में मदद मिलती है कि कंप्यूटर डेटा को किस तरह व्यवस्थित करता है। इसके अलावा, छात्रों द्वारा बनाई गई तार्किक पहेलियाँ विद्यालय परिसर में प्रदर्शित की गई हैं, जिन्हें हर सप्ताह बदला जाता है।
अनुपम प्राथमिक विद्यालय नंबर-2 के प्रधानाचार्य चिराग जोशी ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सीखने की प्रक्रिया में सीधे शामिल करना है। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में स्थापित गतिविधियाँ बच्चों को गणित और विज्ञान को व्यवहारिक और रोचक तरीके से समझने का अवसर देती हैं। वहीं, एएमसी के प्रशासनिक अधिकारी लगधीर देसाई ने कहा कि आईआईटी गांधीनगर की यह पहल एसटीईएम शिक्षा को जमीनी स्तर तक पहुँचाने में मददगार साबित हो रही है। इस कार्यक्रम को एएमसी के सभी 453 स्कूलों में लागू किया जा रहा है।
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