कोलकाता , सितंबर 26 -- पश्चिम बंगाल सरकार के पर्यटन विभाग ने बांकुड़ा के प्रसिद्ध टेराकोटा मंदिरों के व्यापक विकास और दस्तावेजीकरण के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर को जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि इन्हें संभावित रूप से संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल कराने के लिए नामांकन किया जा सके।
राज्य के पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह पहल राज्य में विरासत स्थलों को विकसित करने और दार्जिलिंग तथा सुंदरबन के पहले से स्थापित पर्यटन मार्गों से आगे नए पर्यटन सर्किट तैयार करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
आईआईटी खड़गपुर को बिष्णुपुर के मंदिर शहर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी दी गयी है। इसमें विरासत और मंदिर पर्यटन से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं के विकास को शामिल किया जाएगा। श्री घोष के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाना और शहर की स्थापत्य, सांस्कृतिक तथा धार्मिक विरासत को एक समग्र पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।
उल्लेखनीय है कि बिष्णुपुर अपने विशिष्ट टेराकोटा मंदिरों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। इनमें से कई मंदिर मल्ल काल के हैं। यह शहर पारंपरिक टेराकोटा शिल्पकला, बालूचरी साड़ियों और बंगाल की वैष्णव विरासत से अपने संबंध के लिए भी जाना जाता है। इसके मंदिर परिसर में रासमंच, जोर बंगला मंदिर, श्याम राय मंदिर और मदन मोहन मंदिर जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं।
राज्य की योजना इस विरासत को आधार बनाकर पर्यटकों के समग्र अनुभव को बेहतर बनाने और शहर को एक व्यवस्थित विरासत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की है। इसके तहत अलग-अलग स्मारकों को अलग-अलग आकर्षण के रूप में देखने के बजाय पूरे शहर को एक समग्र विरासत पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
आईआईटी खड़गपुर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के नामांकन के लिए जरूरी दस्तावेज भी तैयार कर रहा है। इससे बिष्णुपुर की स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच मिल सकता है। विरासत संरक्षण और विकास की यह पहल बिष्णुपुर तक सीमित नहीं है। संस्थान हुगली नदी के किनारे स्थित ऐतिहासिक यूरोपीय बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए दस्तावेज और अलग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रहा है।
विशिष्ट भारत-फ्रांस विरासत वाले चंदननगर को भी एक अलग पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी डीपीआर तैयार करने के लिए हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हुडको) को सलाहकार बनाया गया है।
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