कानपुर , मई 15 -- भारतीय कृषि क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा आधारित मशीनीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए एसआईआई सी आईआईटी कानपुर द्वारा समर्थित स्टार्टअप स्कैनैक्स्ट साइंटिफिक टेक्नोलॉजीज ने भारत के पहले स्वदेशी 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर को बाजार में उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इस संबंध में स्टार्टअप ने सीएसआईआर-सीएमईआरआई और नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनआरडीसी) के साथ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता नई दिल्ली में आयोजित 'विज्ञान टेक 2026' प्रदर्शनी के दौरान संपन्न हुआ। इस पहल को भारत के ट्रांसलेशनल इनोवेशन इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जहां सरकारी अनुसंधान संस्थान, स्टार्टअप और शैक्षणिक संस्थान मिलकर स्वदेशी तकनीकों के जरिए राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं। एसआईआईसी आईआईटी कानपुर के अनुसार यह इलेक्ट्रिक कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर 90 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी घटकों से विकसित किया गया है और इसे विशेष रूप से छोटे तथा सीमांत किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह ट्रैक्टर छोटे भू-स्वामित्व, बढ़ती डीजल कीमतों और कृषि मशीनीकरण की सीमित उपलब्धता जैसी समस्याओं का समाधान करने में सक्षम होगा।
स्टार्टअप स्कैनैक्स्ट साइंटिफिक टेक्नोलॉजीज इस तकनीक का व्यावसायीकरण अपने ब्रांड नाम से करेगी। कंपनी का उद्देश्य ग्रामीण भारत के लिए किफायती, ऊर्जा-कुशल और टिकाऊ कृषि मशीनीकरण समाधान उपलब्ध कराना है। इस ट्रैक्टर की प्रमुख विशेषताओं में पूर्ण इलेक्ट्रिक ड्राइवट्रेन, व्हीकल टू लोड (वी2एल) सुविधा, छोटे खेतों के लिए उपयुक्त कॉम्पैक्ट डिजाइन तथा महिलाओं के लिए भी आसान संचालन व्यवस्था शामिल है। वी2एल तकनीक के जरिए यह ट्रैक्टर सिंचाई पंप और अन्य कृषि उपकरणों को ऊर्जा उपलब्ध कराने में भी सक्षम होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में 86 प्रतिशत से अधिक किसान छोटे और सीमांत श्रेणी में आते हैं, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम भूमि है। ऐसे किसानों के लिए पारंपरिक डीजल आधारित ट्रैक्टर आर्थिक रूप से महंगे साबित होते हैं। ऐसे में यह इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खेती की लागत घटाने और उत्पादकता बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है।
स्कैनैक्स्ट टीम ने कहा कि उनका उद्देश्य छोटे किसानों को किफायती और टिकाऊ तकनीक उपलब्ध कराना है। कंपनी के अनुसार यह स्मार्ट ईवी ट्रैक्टर खेती की लागत कम करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में हरित रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा और सटीक कृषि के नए दौर की शुरुआत करेगा।
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