कानपुर , अप्रैल 1 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर और गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी), वडोदरा के बीच परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल विकास तथा अनुसंधान को सुदृढ़ करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता 24 मार्च को आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल और जीएसवी के कुलपति प्रो. मनोज चौधरी द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर आईआईटी कानपुर के अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. तरुण गुप्ता, विद्युत अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष एवं रेलवे अनुसंधान केंद्र के प्रो. योगेश सिंह चौहान तथा एसआईआईसी एवं टेक्नोपार्क@आईआईटीके के प्रभारी प्रो. दीपु फिलिप उपस्थित रहे।
समझौते के तहत जीएसवी के स्नातक छात्रों को आईआईटी कानपुर में इंटर्नशिप एवं उन्नत प्रयोगशालाओं में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। साथ ही रेलवे अनुसंधान सहित परिवहन के विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस साझेदारी के अंतर्गत रेल, सड़क, वायु, समुद्री एवं अंतर्देशीय जलमार्गों सहित विभिन्न परिवहन माध्यमों में अंतःविषयक अनुसंधान एवं डिजाइन गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विजन तथा इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी डिजिटल तकनीकों के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। यह सहयोग परिवहन क्षेत्र में स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास को गति देने के साथ यात्रा की गति, विश्वसनीयता और सुरक्षा में सुधार लाने में सहायक होगा। इसके माध्यम से परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादों और सेवाओं के निर्यात के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इसके अलावा, संकाय विनिमय कार्यक्रमों और जीएसवी के छात्रों के लिए आईआईटी कानपुर की प्रयोगशालाओं में प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे प्रशिक्षण को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जा सके। यह साझेदारी प्रधानमंत्री गति शक्ति मास्टर प्लान के विज़न को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिसके तहत स्वदेशी प्रौद्योगिकी और विनिर्माण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित