कानपुर , अक्टूबर 14 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बेंगलुरु के बिजनेस इनक्यूबेटर एनएसआरसीईएल (एनएसआरसीईएल) ने देश में डीप-टेक और रक्षा क्षेत्र के स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत दोनों संस्थान तकनीकी अनुसंधान को व्यावसायिक उत्पादों और सेवाओं में बदलने के लिए मिलकर काम करेंगे।

समझौते के पहले चरण में रक्षा, एयरोस्पेस और इनसे जुड़ी दोहरे उपयोग वाली तकनीकों पर काम करने वाले स्टार्टअप पर ध्यान दिया जाएगा। आईआईटी कानपुर की उद्यम विकास पहल स्केल के अंतर्गत संचालित स्केल कैटापुल्ट को इस सहयोग का शुरुआती लाभ मिलेगा।

आईआईटी कानपुर का स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) तकनीक आधारित उद्यमों को विकसित करने और उनके उत्पादों के व्यावसायीकरण में सहायता करता है। स्केल कैटापुल्ट के माध्यम से स्टार्टअप को तकनीकी विशेषज्ञता और अनुसंधान सुविधाओं के साथ ग्राहकों की जरूरतों को समझने, बाजार में उत्पाद की उपयोगिता परखने और कारोबार बढ़ाने में मदद दी जाएगी।

समझौता ज्ञापन पर आईआईटी कानपुर के अनुसंधान एवं विकास अधिष्ठाता प्रो. जयंधरन गिरिधर राव और एनएसआरसीईएल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रसिका प्रशांत ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर प्रो. जयंधरन गिरिधर राव ने कहा कि आईआईटी कानपुर में विकसित हो रही नई तकनीकों को बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करना संस्थान की प्राथमिकता है। एनएसआरसीईएल के साथ सहयोग से तकनीकी अनुसंधान और उद्यमिता के क्षेत्र में दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा। इससे अनुसंधान संस्थानों से निकलने वाले तकनीक आधारित उद्यमों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

एनएसआरसीईएल की सीईओ रसिका प्रशांत ने कहा कि यह साझेदारी रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र की क्षमताओं को मजबूत करने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है। आईआईटी कानपुर की तकनीकी विशेषज्ञता और एनएसआरसीईएल के उद्यमों को बाजार के लिए तैयार करने के अनुभव से रणनीतिक क्षेत्रों में काम करने वाले नए उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा।

समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त कार्यक्रमों, स्टार्टअप के साझा इनक्यूबेशन, ज्ञान के आदान-प्रदान और उद्यमिता से जुड़ी कार्यप्रणालियों को साझा करने की संभावनाओं पर काम करेंगे। उद्योगों, निवेशकों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ भी संपर्क बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप और उद्योग के बीच सहयोग मजबूत करना तथा स्वदेशी तकनीकों के विकास और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर आईआईटी कानपुर की ओर से प्रो. राजा अंगमुथु, अनुराग सिंह, डॉ. पूर्णा रॉय, डॉ. आशुतोष अग्निहोत्री और पीयूष मिश्रा उपस्थित रहे। एनएसआरसीईएल की ओर से प्रद्यानंद कुंभारे और प्रणव चतुर्वेदी ने भाग लिया।

एनएसआरसीईएल के अनुसार, संस्थान अब तक 3,657 से अधिक उद्यमों को सहयोग दे चुका है। इन उद्यमों का संयुक्त मूल्य 7.37 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है और इनके माध्यम से लगभग 35,792 रोजगार सृजित हुए हैं। संस्थान डीप-टेक, महिला उद्यमिता, जलवायु एवं सतत विकास, छात्र उद्यमिता और सामाजिक प्रभाव सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप को सहयोग प्रदान करता है।

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