चंडीगढ़ , सितंबर 24 -- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) मोहाली 27 सितंबर को अपना 20वां स्थापना दिवस मनाएगा। दो दशक के सफर में संस्थान ने विज्ञान शिक्षा, अत्याधुनिक शोध, इनोवेशन और साइंस आउटरीच के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।

चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईआईएसईआर मोहाली के निदेशक अनिल के. त्रिपाठी ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक जिज्ञासा, आलोचनात्मक सोच और रिसर्च क्षमता विकसित करना है। फिलहाल संस्थान में करीब 1,800 विद्यार्थी बीएस-एमएस प्रोग्राम और लगभग 500 विद्यार्थी पीएचडी कर रहे हैं।

संस्थान ने पिछले दो दशकों में 45 से अधिक पेटेंट दाखिल किए हैं, जिनमें सात अंतरराष्ट्रीय पेटेंट शामिल हैं। शिक्षकों और छात्रों को कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।

स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर आई-राइज के जरिए रिसर्च को व्यावसायिक उपयोग से जोड़ा जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में आई- राइज 40 से अधिक स्टार्टअप को सहयोग दिया है, जबकि करीब 20 स्टार्टअप फिलहाल इनक्यूबेशन में हैं। इनमें बायोटेक्नोलॉजी, एग्रीटेक, हेल्थकेयर, वेस्ट मैनेजमेंट और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं। 20 महिला नेतृत्व वाले टेक्नोलॉजी स्टार्टअप को भी इनक्यूबेशन और फंडिंग सपोर्ट दिया जा रहा है। इन्हें 12 पेटेंट दाखिल करने में सफलता मिली है, जिनमें नौ मंजूर हो चुके हैं।

आई- राइज को हाल ही में टेक्नोलॉजी कमर्शियलाइजेशन, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और डीप-टेक उद्यमिता के लिए 3.425 करोड़ रुपये की नई फंडिंग मिली है।

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