जम्मू , अगस्त 22 -- जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू के 10वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए संस्थान से एक अनूठी और साहसी शैक्षणिक पहचान बनाने और उसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रशासनिक व व्यावसायिक अनुभवों को जीवंत उदाहरण के रूप में बदलने का आह्वान किया।

श्री सिन्हा ने आईआईएम जम्मू के 10वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि संस्थान ने एक साधारण शुरुआत से देश के सबसे तेजी से उभरते बिजनेस स्कूलों में से एक बनने तक का सफर तय किया है और अब समय की मांग है कि अगले दशक के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई जाए।

उपराज्यपाल ने कहा कि आईआईएम जम्मू की शुरुआत एक दशक पहले कैनाल रोड पर एक अस्थायी परिसर में सिर्फ 56 छात्रों के साथ हुई थी। उन्होंने कहा कि तब से यह संस्थान प्रबंधन शिक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय केंद्र के रूप में उभरा है।

उन्होंने बताया कि आईआईएम जम्मू देश का पांचवां ऐसा आईआईएम बन गया है जिसे एएमबीए और ईएफएमडी दोनों एक्रेडिटेशन (मान्यता) मिले हैं और इसने फ्रांस, मोरक्को, दक्षिण कोरिया, ग्रीस, यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, स्वीडन, ताइवान और हाल ही में ब्राजील के संस्थानों के साथ अकादमिक साझेदारी शुरू की है।

उपराज्यपाल ने निदेशक प्रोफेसर बीएस सहाय, फैकल्टी और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के नेतृत्व में की गई कड़ी मेहनत और एक दशक की लगातार कोशिशों की सराहना की। उन्होंने संस्थान की प्रगति को एक ऐसे मॉडल के तौर पर बताया जिससे दूसरे बिजनेस स्कूल प्रेरणा ले रहे हैं।

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