चंडीगढ़ , मई 07 -- हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि गनौर स्थित इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट (आईआईएचएम) परियोजना राज्य के बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी पहल है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना किसानों को बेहतर बाजार, आधुनिक सुविधाएं और वैश्विक स्तर पर अपने उत्पाद बेचने के अवसर प्रदान करेगी।
श्री राणा हरियाणा निवास में आयोजित हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचआईएचएमसीएल) के निदेशक मंडल की 37वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में सोनीपत जिले के गनौर में विकसित किए जा रहे भारत अंतर्राष्ट्रीय बागवानी बाजार के विकास और संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बोर्ड ने लेनदेन सलाहकार एवं परामर्शदाता (टीएसी) के चयन से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए आईआईएचएम गनौर के संचालन में सहयोग के लिए एकीकृत परामर्श सेवाएं प्रदान करने हेतु प्रस्ताव अनुरोध (आरएफपी) को मंजूरी दी, ताकि आगे की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
इसके अलावा, परियोजना संबंधी गतिविधियों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए मेसर्स ईआईएल (प्राधिकरण अभियंता) के अनुबंध को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में आईआईएचएम परियोजना में जुर्माने को निलंबित करने के अनुरोध पर भी चर्चा हुई। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद परियोजना के सुचारू कार्यान्वयन और संचालन को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।
इसके अतिरिक्त, अन्य कई मामलों पर भी चर्चा की गई और परियोजना के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आईआईएचएम गनौर परियोजना को पूरा करने तथा इसे किसानों और व्यापारियों के लिए आधुनिक एवं विश्वस्तरीय बाजार के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, एचएसएएमबी के मुख्य प्रशासक मुकेश कुमार आहूजा, बागवानी महानिदेशक रणबीर सिंह, कृषि महानिदेशक राज नारायण कौशिक, हरियाणा अंतर्राष्ट्रीय बागवानी विपणन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अनीश यादव, मुख्य अभियंता मोहिंदर सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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