विजयवाड़ा , मार्च 05 -- आंध्र प्रदेश के कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू ने गुरुवार को दोहराया कि सरकार उन किसानों की रक्षा कर रही है, जिन्हें आपदाओं के दौरान फसल का नुकसान उठाना पड़ता है।

यहां विधान सभा में मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार उन किसानों को निवेश में सहायता प्रदान करती है, जिनकी फसल प्राकृतिक आपदाओं के कारण बर्बाद हो जाती है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने प्रभावित कृषि क्षेत्रों का दौरा कर फसल नुकसान का आकलन किया और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तैयार की। उन्होंने आगे कहा कि सरकार प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि मंत्री ने कहा, "2014 तक कपास, मूंगफली, धान और गन्ने की फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर 12,000 रुपये निवेश सहायता दी जाती थी। 2014 में राज्य में श्री चंद्र बाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद निवेश सहायता को बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया था। हालांकि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार ने निवेश सहायता दोबारा घटाकर 12,000 रुपये कर दिया था।"उन्होंने बताया कि 2024 में गठबंधन सरकार के गठन के बाद सरकार ने मुआवजे को बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया है। बुडमेरु नाले में आयी बाढ़ के बाद एक सप्ताह के भीतर सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया और प्रभावित किसानों को लगभग 370 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान किया गया।

मंत्री अच्चन्नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि मुख्यमंत्री ने 'अराकू कॉफी' को देश भर में विशेष पहचान दिलाने के लिए कड़ा संघर्ष किया है। उन्होंने आगे कहा कि अराकू क्षेत्र के कॉफी बागानों में 'कॉफी बेरी बोरर' (कॉफी के दानों में छेद करने वाला कीट) रोग का पता केवल सीमित स्तर पर ही चला है।

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