विजयवाड़ा , फरवरी 17 -- आंध्र प्रदेश के ऊर्जा मंत्री गोट्टीपति रवि कुमार ने मंगलवार को विधानसभा में सूचित किया कि बिजली की चपेट में आने की घटनाओं को रोकने के लिए 'आंध्र प्रदेश पूर्वी विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड' (एपीईपीडीसीएल) के अधिकार क्षेत्र के प्रत्येक जिले के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
विधायक लोकम नागा माधवी के आवासीय घरों के पास या ऊपर से गुजरने वाली उच्च-तनाव वाली बिजली लाइनों के कारण होने वाली बार-बार की दुर्घटनाओं के संबंध में पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए श्री रवि कुमार ने सरकार के पक्ष और चल रहे उपायों को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि बिजली वितरण लाइनें स्थापित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुसार ही बिछाई जा रही हैं, हालांकि सुरक्षा संबंधी समस्याएं मुख्य रूप से बिजली लाइनें बिछाए जाने के बाद उनके नीचे घरों के निर्माण के कारण उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि जागरूकता की कमी और बिजली लाइनों के नीचे अनधिकृत निर्माण ऐसी दुर्घटनाओं के मुख्य कारण हैं। उन्होंने सदन को सूचित किया कि बिजली विभाग के अधिकारी जनता को विद्युत सुरक्षा के बारे में शिक्षित करने के लिए गांवों और शहरों में जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि वे कोई खतरनाक या असुरक्षित बिजली लाइनें या खंभे देखें, तो तुरंत अधिकारियों को सूचित करें।
श्री रवि कुमार ने उल्लेख किया कि यदि प्रभावित व्यक्ति लाइनों या खंभों को स्थानांतरित करने के लिए आवेदन जमा करते हैं, तो विभाग उन अनुरोधों की जांच करेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा। उन्होंने दावा किया कि विजयनगरम जिले में सांसद निधि का उपयोग करके पहले ही कई बिजली लाइनों को स्थानांतरित किया जा चुका है। मानव जीवन की महत्ता पर जोर देते हुए मंत्री ने पुष्टि की कि सरकार बिजली दुर्घटनाओं की रोकथाम को विशेष प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि पाम के बागानों की कटाई के दौरान भी दुर्घटनाएं हो रही हैं और उनके लिए उचित निवारक उपाय लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत और नगर निगम अधिकारियों को सलाह दी गई है कि भविष्य में बिजली की लाइनों के नीचे घर बनाने की अनुमति न दें। सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे राज्य में बिजली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समर्पित है।
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