विजयवाडा , जून 18 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में उद्योग लगाने के लिए 50 कंपनियों के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य में 30,515 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड की 18वीं बैठक में इन निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस फैसले से लगभग 30 हजार रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इस अवसर पर श्री नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है। उन्होंने नए उद्यमों (स्टार्टअप्स) को मजबूत सहयोग देने और रतन टाटा नवाचार केंद्र के माध्यम से राज्य की नयी तकनीकों का सही इस्तेमाल करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि केवल गंभीर निवेशकों को ही प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए ताकि कार्य समय पर शुरू हो सके।
श्री नायडू ने इस वर्ष बिजली की मांग में 17 प्रतिशत की वृद्धि को देखते हुए औद्योगिक, व्यावसायिक और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में बिजली खपत का विस्तृत आकलन तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को 'भविष्य की ऊर्जा' बताया और राज्य के 160 गीगावाट हरित ऊर्जा के लक्ष्य को तेजी से पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि लिथियम-आयन बैटरी बनाने और बिजली से चलने वाले वाहनों की तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सेमीकंडक्टर और डेटा केंद्रों को बढ़ावा देने के साथ-साथ जरूरी बिजली ढांचा तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने अमरावती में उभरती हुई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और क्वांटम तकनीक का जिक्र करते हुए कहा कि परियोजनाओं की मंजूरी और जमीन के आवंटन को सरल तथा पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
श्री नायडू ने स्वचालित मंजूरी प्रणाली की वकालत की ताकि काम में राजनीतिक दखल कम से कम हो और व्यापार करना आसान हो सके। उन्होंने अमरावती क्वांटम वैली के विकास की बात कही, जिसमें तकनीकी पार्क, क्वांटम कंप्यूटिंग हार्डवेयर और अनुसंधान संस्थान शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पुट्टापर्थी में प्रस्तावित पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान निर्माण और परीक्षण केंद्र की स्थापना के काम में तेजी लाएं और केंद्र सरकार के साथ लगातार तालमेल बनाए रखें। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश को दुर्लभ खनिज पदार्थों के लिए एक राष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभरना चाहिए, जहां इससे जुड़े विशेष शिक्षण और अनुसंधान संस्थान हों।
जोन्नागिरी सोने की खदान परियोजना का जिक्र करते हुए श्री नायडू ने कहा कि इस क्षेत्र का बड़ा ऐतिहासिक और आर्थिक महत्व है और यह सोना उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। श्री नायडू ने इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा देने और विशाखापत्तनम के आसपास शहरों को विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे औद्योगिक विकास के साथ-साथ विशेष रूप से बड़े औद्योगिक क्षेत्रों के पास किफायती आवास का विकास भी सुनिश्चित करें।
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