विजयवाड़ा , सितंबर 19 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने संबंधित अधिकारियों को कम बारिश के कारण राज्य में पैदा हुई स्थिति का वैज्ञानिक आकलन कर 1 अक्टूबर को 'सूखा प्रभावित मंडलों' की आधिकारिक घोषणा करने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को अमरावती के उंडवल्ली स्थित कैंप कार्यालय में राज्य में कम बारिश और सूखे की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मानसून के लंबे अंतराल के कारण किसी भी क्षेत्र में फसलों के नुकसान को रोकने के लिए समय रहते एहतियाती कदम उठाएं। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार को हर महीने सूखे के प्रभाव पर विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्षा की कमी, फसल बुवाई के आंकड़े, भूजल स्तर, मृदा नमी और जलाशयों के जल स्तर का वैज्ञानिक आकलन करने के लिए छह प्रमुख विभागों से रिपोर्ट जुटाई जा रही है और उपग्रह आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक अनुमानों के अनुसार राज्य के 28 जिलों के 513 मंडलों में सूखे की स्थिति बनी हुई है, जिनमें से 268 मंडलों में गंभीर सूखा और 245 मंडलों में मध्यम सूखा दर्ज किया गया है। कृषि विभाग की टीमें जिला कलेक्टरों के मार्गदर्शन में खेतों में जाकर जमीनी स्तर पर फसलों के नुकसान का आकलन करेंगी, जिसकी रिपोर्ट राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग को सौंपी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अल नीनो के प्रभाव के कारण 21 जिलों के 1,357 'रैथू सेवा केंद्रों' के अंतर्गत फसलें 'उच्च जोखिम' वाले क्षेत्र में हैं। उन्होंने बताया कि संतरा, आम, मिर्च और प्याज सहित लगभग 17,916 हेक्टेयर में फैली बागवानी फसलें प्रभावित हुई हैं। बागवानी फसलों को बचाने के लिए अब तक 190 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने जल संरक्षण के लिए 'सूक्ष्म सिंचाई' पर विशेष जोर देने का निर्देश दिया और बताया कि 'मना मित्र व्हाट्सएप गवर्नेंस' के जरिए किसानों को सूक्ष्म सिंचाई सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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