विजयवाड़ा , जुलाई 24 -- आंध्र प्रदेश में विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ज़िला चयन समिति (डीएससी) की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर 28 जुलाई को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी।

वाईएसआरसीपी के महासचिव जुपुडी प्रभाकर ने शुक्रवार को यहां मीडिया से कहा कि जहां केंद्र सरकार ने नीट में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों और नागरिक समाज के विरोध-प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया दी, वहीं चंद्रबाबू नायडू सरकार ने इस मामले में कोई चिंता नहीं दिखाई है और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी द्वारा उठाए गए तीखे सवालों का जवाब देने में भी नाकाम रही है।

श्री प्रभाकर ने कहा, "हम उन छात्रों एवं युवाओं के समर्थन में पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करेंगे जो डीएससी प्रक्रिया में अधिसूचना से लेकर भर्ती के स्तर तक हुई अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं; इन अनियमितताओं का खुलासा हमने ही अलग-अलग स्तरों पर किया था।"उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा से पहले कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए जारी किए गए सरकारी आदेश और भर्ती के बाद उन्हें रद्द करना डीएससी में घोटाले की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी ने यह मुद्दा उठाया था लेकिन राज्य सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

उन्होंने अफ़सोस व्यक्त किया कि शुल्क प्रतिपूर्ति का बकाया पैसा न मिलने से छात्रों को सबसे ज़्यादा परेशानी उठानी पड़ी। साथ ही, 'तल्लिकी वंदनम' योजना को भी ठीक से लागू नहीं किया गया, जिससे फ़ायदा पाने वालों की संख्या में भारी कमी हुई और वादा की गई रकम भी नहीं दी गई।

वाईएसआरसीपी नेता ने मांग की, "हम मांग करते हैं कि 'तल्लिकी वंदनम' योजना के तहत जारी की गई राशि एवं लाभार्थियों की संख्या का पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए क्योंकि पिछली योजना से तुलना करने पर पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।" उन्होंने छात्रों, युवाओं एवं अन्य वर्गों के प्रति वाईएसआरसीपी के समर्थन को दोहराया और भरोसा दिलाया कि पार्टी लोगों की आवाज़ बनी रहेगी।

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