विजयवाड़ा , अक्टूबर 09 -- आंध्र प्रदेश कैबिनेट शनिवार को स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग (बीसी) के लिए 34 प्रतिशत आरक्षण को रद्द करने वाले उच्चतम न्यायालय के फैसले पर चर्चा करेगी।

तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि सचिवालय में सुबह 11 बजे होने वाली कैबिनेट की बैठक में शहरी स्थानीय निकायों में 34 प्रतिशत और ग्रामीण स्थानीय निकायों में 33.33 प्रतिशत आरक्षण देने के चुनावों से जुड़े उच्च न्यायालय के फ़ैसले को चुनौती देने वाली सरकार की याचिका को उच्चतम न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने पर चर्चा होगी।

शीर्ष अदालत ने बीसी को आरक्षण देने वाले सरकारी आदेशों को रद्द करने के आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के फ़ैसले को सही ठहराया और कहा कि कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से ज़्यादा नहीं होना चाहिए।

इस बीच मुख्यमंत्री ने बीसी आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने शुक्रवार को प्रकाशम ज़िले के कोंडापी निर्वाचन क्षेत्र के नरसिंगोलु गांव में 'मी भूमि-मी हक्कु' जनसभा को संबोधित करते हुए बीसी को आरक्षण देने के अपने वादे को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

श्री नायडु ने कहा कि हमने पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण बढ़ाने का वादा किया था और ऐसा करने की कोशिश भी की। वाईएसआरसीपी ने न्यायालय में यह कहते हुए अपील की कि आरक्षण 50 प्रतिशत की सीमा से ज़्यादा हो रहा है। हमने एक आयोग नियुक्त किया और रिपोर्ट हासिल की। चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं हम पिछड़े वर्गों का समर्थन करते रहेंगे।

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