हैदराबाद , जून 02 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री तथा जन सेना पार्टी के अध्यक्ष पवन कल्याण ने मंगलवार को तेलंगाना के 12वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं दीं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में श्री नायडू ने कहा कि दो तेलुगु राज्यों के गठन को 12 वर्ष हो गए हैं और उन्होंने कहा कि हालांकि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना अलग-अलग राज्य हैं, फिर भी "तेलुगु राष्ट्र हमेशा एक रहेगा।"उन्होंने कहा कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश को विकास और प्रगति में एक साथ प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। श्री नायडू ने आशा व्यक्त की कि हैदराबाद और अमरावती विश्व स्तरीय शहरों के रूप में उभरेंगे और विकास के फल प्रत्येक तेलुगु परिवार तक पहुंचने चाहिए।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दोनों तेलुगु राज्यों को "विकसित भारत 2047" के विजन की दिशा में मिलकर काम करना चाहिए और तेलुगु संस्कृति की गौरव और विरासत को प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।

इसी बीच पवन कल्याण ने तेलंगाना को जनता की आकांक्षाओं, आत्मसम्मान और बलिदानों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना का गठन कार्यकर्ताओं, छात्रों, बुद्धिजीवियों, कलाकारों, कर्मचारियों, किसानों और शहीदों द्वारा दशकों के संघर्षों और बलिदानों के माध्यम से हासिल की गई एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। तेलंगाना आंदोलन से जुड़े लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना में संघर्षों और प्रतिरोध की समृद्ध विरासत है और उन्होंने सम्मक्का-सरलम्मा और आदिवासी आदर्श कोमाराम भीम से प्रेरणा ली। उन्होंने तेलंगाना की अनूठी भाषा, संस्कृति, परंपराओं, लोक कलाओं और साहित्यिक विरासत पर भी प्रकाश डाला।

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