विजयवाड़ा , अक्टूबर 23 -- आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेशने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के चौथे दिन ब्रिस्बेन और गोल्ड कोस्ट के शीर्ष विश्वविद्यालयों, व्यावसायिक प्रमुखों और नवाचार विशेषज्ञों के साथ कई रणनीतिक बैठकें कीं, जिनका उद्देश्य राज्य में वैश्विक शिक्षा साझेदारी, निवेश संभावनाओं और खेल से संबंधित बुनियादी ढांचे का विकास करना है।
ग्रिफ़िथ विश्वविद्यालय के गोल्ड कोस्ट परिसर में श्री लोकेश ने उपाध्यक्ष (वैश्विक) मार्नी वॉटसन से मुलाकात की और विश्वविद्यालय के उन्नत खेल अवसंरचना का जायजा लिया। श्री वॉटसन ने श्री लोकेश को 1975 में अपनी स्थापना के बाद से ग्रिफ़िथ विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और क्वींसलैंड स्थित इसके पांच परिसरों में सामाजिक न्याय, स्थिरता और नवाचार के लिए इसकी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के बारे में जानकारी दी।
चर्चा के दौरान, श्री लोकेश ने छात्र आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग के समन्वय के लिए आंध्र प्रदेश में ग्रिफ़िथ विश्वविद्यालय, भारत केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने ग्रिफ़िथ विश्वविद्यालय को आगामी साझेदारी शिखर सम्मेलन- 2025 और नवंबर में होने वाले एपी ग्लोबल एजुकेशन फ़ोरम में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया।
ब्रिस्बेन में श्री लोकेश ने भारतीय महावाणिज्य दूतावास और ऑस्ट्रेलिया-भारत व्यापार परिषद (एआईबीसी) द्वारा आयोजित एक उच्च-स्तरीय व्यावसायिक गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया।
इस अवसर पर उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार में आंध्र प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। विशेष रूप से आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ईसीटीए) के बाद, जिसने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 24.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा दिया है।
श्री लोकेश ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश के परिवर्तन की चर्चा, जहां पिछले 16 महीनों में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के नये निवेश हुए हैं, जिनमें गूगल और आर्सेलर मित्तल की प्रमुख प्रतिबद्धताएं शामिल हैं।
उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों का पता लगाने और विशाखापत्तनम में होने वाले साझेदारी शिखर सम्मेलन - 2025 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
क्वींसलैंड व्यापार और निवेश द्वारा आयोजित शिक्षा गोलमेज सम्मेलन में, लोकेश ने आंध्र प्रदेश के अग्रणी शिक्षा सुधारों पर ज़ोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि सरकारी स्कूलों में नयी एआई और रोबोटिक्स प्रयोगशालाओं के सहयोग से, हाई स्कूल स्तर से एआई पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। आंध्र प्रदेश में भारत का पहला समर्पित एआई विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना भी साझा की गयी।
श्री लोकेश ने बताया कि राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कल्याणकारी वितरण में सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एआई को शासन में सफलतापूर्वक एकीकृत कर रहा है। बैठक में क्वींसलैंड के शिक्षा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख विश्वविद्यालय और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया।
बाद में, श्री लोकेश ने जेम्स कुक विश्वविद्यालय के सतत उष्णकटिबंधीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि केंद्र के प्रोफेसर कैल ज़ेंगर से मुलाकात की और जलीय कृषि आनुवंशिकी में सहयोग पर चर्चा की।
उन्होंने झींगा और मछली की रोग-प्रतिरोधी, उच्च उपज देने वाली नस्लों के विकास, आंध्र प्रदेश के जलीय कृषि किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उत्पादकता एवं पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ाने के लिए एआई-आधारित निगरानी प्रणालियों में समर्थन मांगा।
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