विजयवाड़ा , अप्रैल 24 -- आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने शुक्रवार को बापटला, कोनासीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों को मलेरिया मुक्त जिला घोषित किया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्र सरकार को सूचना भेजी जा रही है, ताकि आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा की जा सके। राज्य में मलेरिया को कम करने के लिए उठाये गये कदमों का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभिन्न जिलों में मलेरिया के मामलों में कमी आने लगी है।

मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वर्ष 2024-25 में मलेरिया के 7,871 मामले और 2025-26 में 7,199 मामले दर्ज किये गये थे। उन्होंने खुलासा किया कि चालू वर्ष में जनवरी से अब तक मलेरिया के 899 मामले सामने आये हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 1,783 मामले दर्ज किये गये थे। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में 2030 तक मलेरिया के मामलों में भारी कमी लाने के लिए योजनाएं तैयार की गयी हैं और जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं।

उन्होंने दोहराया कि उन जिलों को मलेरिया मुक्त घोषित करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं, जहां पिछले तीन वर्षों से मलेरिया का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। मंत्री सत्य कुमार यादव ने कहा कि सरकार लार्वा-रोधी रसायनों की खरीद और उनके छिड़काव के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए, पूरे राज्य में मच्छरों के खतरे को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर कीटनाशक का घर-घर छिड़काव कार्यक्रम चलाया जायेगा।

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