विजयवाड़ा , अगस्त 08 -- आंध्र प्रदेश सरकार ने 100 प्रतिशत मोबाइल सेवा हासिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ग्रामीण, दूरदराज और व्यावसायिक रूप से अव्यवहारिक क्षेत्रों में मोबाइल टावरों की स्थापना के लिए सहायता देने का निर्णय लिया है।
आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने ऐसे क्षेत्रों में दूरसंचार विस्तार को बाधित करने वाले व्यवहार्यता अंतर को पाटने के उद्देश्य से, नेटवर्क से अछूते गांवों और बस्तियों में नये मोबाइल टावरों के लिए बिना किराये के उपयुक्त सरकारी भूमि और सब्सिडी वाली बिजली आपूर्ति प्रदान करने का निर्णय लिया है।
सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग की ओर से जारी आदेशों के माध्यम से इस निर्णय को अब लागू कर दिया गया है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने सार्वभौमिक मोबाइल सेवा को समावेशी डिजिटल विकास और नागरिक सेवाओं तक निर्बाध पहुंच के अपने व्यापक दृष्टिकोण के एक प्रमुख घटक के रूप में पहचाना है। राज्य में पहले से ही स्थापित पर्याप्त दूरसंचार नेटवर्क के बावजूद, कम आबादी वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा स्थापित करने की सीमित व्यावसायिक व्यवहार्यता के कारण कुछ ग्रामीण और दूरदराज की बस्तियां विश्वसनीय मोबाइल कवरेज से बाहर बनी हुई हैं।
दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने सरकार को अभ्यावेदन दिया था कि इन नेटवर्क से अछूते स्थानों में विस्तार के लिए भूमि और बिजली की लागत की भरपाई करने हेतु, विशेष रूप से शुरुआती वर्षों में, सहायता की आवश्यकता होगी। मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत ढांचे के तहत, उपयुक्त सरकारी भूमि बिना किराए के उपलब्ध करायी जायेगी, जबकि नये स्थापित टावरों को संचालन के रूप में व्यावहारिक होने तक सब्सिडी वाली बिजली आपूर्ति मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति उपयोगकर्ता वर्तमान औसत राजस्व के आधार पर, सरकार ने परिचालन लाभ-लागत संतुलन सीमा प्रति टावर लगभग 450 ग्राहक अनुमानित की है। एक बार जब यह सीमा हासिल हो जायेगी, तो सब्सिडी बंद हो जायेगी और लागू बिजली दरें लगायी जायेंगी।
इस सहायता की हर तीन साल में समीक्षा भी की जायेगी। जहां ग्राहकों की संख्या बढ़ गयी है और बुनियादी ढांचा व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक हो गया है, वहां सरकार सहायता जारी रखने का पुनर्मूल्यांकन करेगी। भाग लेने वाले दूरसंचार ऑपरेटरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक मोबाइल टावर और संबंधित बुनियादी ढांचा स्थापित करना होगा।
सरकार को उम्मीद है कि इस मॉडल से नेटवर्क से अछूते गांवों और बस्तियों में तेजी से विस्तार होगा तथा पूरे आंध्र प्रदेश में 100 प्रतिशत मोबाइल संपर्क की सुविधा की दिशा में एक विस्तार योग्य मार्ग मिलेगा। राज्य सरकार ने सभी विभागों और जिला प्रशासनों को इस कार्यक्रम के लिए आवश्यक सहयोग देने का निर्देश दिया है। जिला कलेक्टर दूरसंचार बुनियादी ढांचे के लिए बिना किराये के सरकारी भूमि का प्रावधान सुगम बनायेंगे, जबकि ऊर्जा विभाग पात्र टावरों के लिए रियायती दर वाली/मुफ्त बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगा।
कार्यान्वयन ढांचे में बीएसएनएल, एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया सहित दूरसंचार सेवा प्रदाता शामिल हैं।
इस पहल से दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच में काफी सुधार होने और डिजिटल शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, वित्तीय सेवाओं तथा अन्य ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच बनाने की नागरिकों की क्षमता का विस्तार होने की उम्मीद है।
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