विजयवाड़ा , मई 27 -- तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के कार्यकारी अध्यक्ष और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री नारा लोकेश ने देश में अपनी तरह की पहली और ऐतिहासिक राजनीतिक घोषणा करते हुये 'महानाडू 2026' के पहले दिन, 2029 के आम चुनावों के लिए पार्टी में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा है।

इस वर्ष के 'महानाडू' के "स्त्री शक्ति" विषय पर आधारित होने के कारण इस घोषणा को भारतीय राजनीति में महिला नेतृत्व और लैंगिक समानता के प्रति एक बड़ी राजनीतिक और वैचारिक प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। महानाडू के मंच से श्री लोकेश ने प्रस्ताव रखा कि तेलुगु देशम पार्टी 2029 के चुनावों में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं को आवंटित करे। उन्होंने इसे एक नारा नहीं, बल्कि भारत के भविष्य के प्रति एक प्रतिबद्धता बताया।

यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब संसद में महिला आरक्षण विधेयक को राजनीतिक बाधाओं और विपक्ष के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। तेदेपा के इस कदम को अब राष्ट्रीय राजनीतिक आम सहमति का इंतजार करने के बजाय खुद एक मिसाल कायम करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। तेदेपा ने हाल ही में सांसद बायरेड्डी शबरी को अपनी पहली महिला राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त करके अपने संगठनात्मक ढांचे के भीतर महिला प्रतिनिधित्व को भी बढ़ाया है। इसे महिला नेतृत्व को मजबूत करने के पार्टी के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। श्री लोकेश ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण पर लगातार ध्यान केंद्रित किया है। इसमें शिक्षा और पाठ्यपुस्तकों में प्रगतिशील बदलाव लाने और राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्रों में महिलाओं के सम्मान और गरिमा की बार-बार वकालत करना शामिल है।

उन्हाेंने कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि भारतीय राजनीति का अगला दौर महिला नेतृत्व का होना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि राजग सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक लाकर पहले ही एक ऐतिहासिक कदम उठाया है और इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को केवल कल्याणकारी योजनाओं का लाभार्थी बनकर नहीं रहना चाहिये बल्कि शासन और राजनीति में सक्रिय निर्णयकर्ता बनना चाहिये।

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