कोयंबटूर , अप्रैल 20 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने महिला आरक्षण विधेयक को रोकने के लिए तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी द्रमुक, कांग्रेस समेत 'इंडिया' गठबंधन के सभी दलों पर सोमवार को हमला बोला।
विजयवाड़ा से आज दोपहर यहां पहुंचे श्री नायडू अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राजग उम्मीदवारों के प्रचार के लिए आये थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद में पेश किये गये परिसीमन प्रस्तावों और महिला आरक्षण विधेयक जैसे महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध करने के लिए विपक्षी दलों पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि इन विधेयकों का विरोध करके द्रमुक और उसके सहयोगियों ने राजग को नहीं, बल्कि 'महिलाओं को हराया' है। श्री नायडू ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के वास्तविक इरादे से लाया गया था लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर 'इंडिया' गठबंधन का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस-द्रमुक ने राजनीतिक कारणों से इसे पारित होने से रोक दिया।
उन्होंने आगे कहा, "इस विधेयक को अवरुद्ध कर, कांग्रेस और द्रमुक ने उन महिलाओं के साथ अन्याय किया है जो लंबे समय से समान प्रतिनिधित्व का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने मांग की कि द्रमुक महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने पर अपना रुख स्पष्ट करे और महिलाओं के अधिकारों के प्रति अपने दृष्टिकोण की व्याख्या करे।
राजग गठबंधन की सहयोगी तेदेपा अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया से आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे दक्षिणी राज्यों में संसदीय सीटें बढ़ जातीं। उन्होंने सवाल किया कि द्रमुक ने उस कदम का विरोध क्यों किया जिससे इन राज्यों को लाभ हो सकता था। उन्होंने आगे कहा कि उनके इस रुख के कारण महिलाओं और दक्षिण क्षेत्र, दोनों को नुकसान उठाना पड़ा है।
श्री नायडू ने तमिलनाडु में वर्तमान द्रमुक शासन की भी आलोचना की और दावा किया कि यह राज्य, जिसे कभी प्रगतिशील माना जाता था, अब आर्थिक गिरावट और कई घोटालों का सामना कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का इरादा 2029 के चुनावों तक महिला आरक्षण लागू करने का था और इस तरह के सुधारों में देरी करने से केवल लोकतांत्रिक समावेशिता को नुकसान पहुंचता है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तेलुगु गंगा जैसी परियोजनाओं को याद किया, जो तमिलनाडु को पानी की आपूर्ति करती है। उन्होंने आंध्र प्रदेश में नदियों को जोड़ने की परियोजनाओं का उल्लेख किया और देशभर में पानी की कमी को दूर करने के लिए गंगा-कावेरी जुड़ाव सहित राष्ट्रीय स्तर पर नदियों को जोड़ने की बात कही।
श्री नायडू ने सरकारों की जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और राजनीतिक दलों से दलीय हितों के बजाय जन कल्याण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
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