विजयवाड़ा , जनवरी 12 -- वाईएसआर कांग्रेस की एनटीआर जिला डॉक्टर शाखा ने मेडिकल कॉलेजों को मिलने वाली अनुमति के नियमों में ढिलाई की खबरों पर चिंता जताते हुए संभावित रिश्वतखोरी और अनुचित प्रभाव से जुड़ी चिंताओं को लेकर मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।
हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रीय मेडिकल परिषद के चेयरमैन डॉ. अभिजात सेठ ने खुद माना है कि मेडिकल कॉलेजों को "अनुमति देने में आसानी" के लिये पहले लागू 42 सख्त मानकों/शर्तों में ढील दी गयी है और उन्हें घटाकर सिर्फ 20 कर दिया गया है।
वाईएसआर कांग्रेस का कहना है कि उसे संभावित रिश्वतखोरी, अनुचित प्रभाव और गुणवत्ता से समझौता होने का शक है। पार्टी ने यह आरोप लगाते हुए तुरंत नियमों में इस 'शर्मनाक' ढील की सीबीआई जांच की मांग की है।
पार्टी की एनटीआर जिला डॉक्टर्स विंग के चेयरमैन डॉ. अंबाती नागा राधाकृष्ण यादव ने सोमवार को यहां एक बयान में कहा कि बुनियादी ढांचे, फैकल्टी, क्लिनिकल सुविधाओं और रोगी देखभाल मानकों के लिए जरूरी नियमों में यह खुली ढील चौंकाने वाली और अस्वीकार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की लापरवाह रियायतें स्पष्ट रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य और छात्रों के कल्याण के बजाय निजी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के मुनाफे को प्राथमिकता देती हैं, जिससे भारत में मेडिकल शिक्षा की नींव ही कमजोर हो रही है।
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