राजमहेंद्रवरम , फरवरी 25 -- दूध में मिलावट के कारण आंध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम के केजी अस्पताल में एक बच्चे (6) की मृत्यु हो गयी है और कम से कम आठ अन्य बच्चे विभिन्न अस्पतालों में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
यहाँ विभिन्न इलाकों में 15 फरवरी को कई लोग गुर्दे से संबंधित समस्याओं से बीमार पड़ गए थे। अधिकारियों ने बुधवार को मिलावटी दूध को ही इसका संभावित कारण बताया।
पूर्वी गोदावरी जिले की जिलाधिकारी कीर्ति चेकुरी ने बुधवार को मीडिया को बताया कि प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक चिकित्सा उपचार प्रदान किया जा रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गुर्दे की गंभीर समस्याओं से पीड़ित 15 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। जिला चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि उन्हें राजमहेंद्रवरम के किम्स अस्पताल से सूचना मिली थी कि कई बुजुर्ग व्यक्तियों को एनूरिया (पेशाब न आना), उल्टी, पेट दर्द और गुर्दे की गंभीर शिथिलता के लक्षणों के साथ भर्ती किया गया है, जिन्हें डायलिसिस की आवश्यकता है।
कोरुकोंडा मंडल के नरसापुरम गांव के वरलक्ष्मी मिल्क डेयरी से 106 परिवारों को दूध की आपूर्ति की गई थी। इस डेयरी से दूध की आपूर्ति रोक दी गई है और विश्लेषण के लिए डेयरी से दूध के नमूने एकत्र किए गए हैं।
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