देहरादून , जून 25 -- उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक वीरेंद्र प्रताप गुरुवार को देहरादून कचहरी स्थित शहीद स्मारक पहुंचे। जहां उन्होंने आंदोलनकारी आश्रितों के पिछले 10 दिनों से चल रहे सत्याग्रह को अपना समर्थन दिया।

श्री प्रताप ने सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को दी जाने वाली नौकरी में की जा रही लापरवाही पर आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आंदोलनकारी सम्मान समिति के अध्यक्ष रहते हुए वर्ष 2016 में आंदोलनकारी आश्रितों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की थी। अब करीब 11 वर्ष होने को हैं लेकिन सरकार ने बहुत कम लोगों को इसमें नौकरी दिलाने का काम किया जबकि यह सारा समय राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कार्यकाल का था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य आंदोलनकारी को भाजपा सरकार ने भिखारी बना दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले में लापरवाही न बरतें, अन्यथा आंदोलनकारी की आह 2027 के चुनाव में ले डूबेगी।

आंदोलनकारी परिषद के केंद्रीय प्रवक्ता महेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार राज्य निर्माण की मूल भावना की लगातार अनदेखी कर रही है। बेरोजगारी का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और इसके प्रति सरकार गंभीर नहीं है। स्वास्थ्य, शिक्षा के हालात बद से बदतर हो गए हैं।इस मौके पर नवीन नैथानी, अंबुज शर्मा, ललित भद्री, देहरादून नगर चिन्हित राज्य आनदोलनकारी संयुक्त समिति के विपुल नौटियाल एडवोकेट, इरशाद अहमद, विनोद असवाल समेत अनेक लोग मौजूद थे।

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