चंडीगढ़ , जुलाई 23 -- पंजाब के वित्त मंत्री एवं कैबिनेट उप-समिति के अध्यक्ष हरपाल सिंह चीमा ने सामाजिक सुरक्षा विभाग को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए न्यूनतम 60 लाख रुपये का जीवन बीमा सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की अधिकांश जायज मांगों के समाधान के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पहले से जारी है और सरकार इसे तेजी से आगे बढ़ा रही है।
गुरुवार को शिक्षा विभाग की पांच यूनियनों, दो आंगनवाड़ी यूनियनों और एक आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठकों के दौरान वित्त मंत्री ने कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने सामाजिक सुरक्षा विभाग को निर्देश दिये कि वे वेतन वितरित करने वाले बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए कम से कम 60 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनकी प्रशासनिक और वित्तीय समस्याओं का शीघ्र समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। यूनियन प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार उनकी कठिनाइयों से पूरी तरह अवगत है और अधिकांश मांगों के समाधान के लिए आवश्यक ढांचा पहले से प्रशासनिक प्रक्रिया में है।
वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि भगवंत मान सरकार इन प्रक्रियाओं में तेजी लाकर जल्द ही कर्मचारियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
बैठक में बेरोजगार बी.एड. टेट पास अध्यापक यूनियन, बेरोजगार पीएसटीईटी पास आर्ट एंड क्राफ्ट संघर्ष यूनियन, मुड़ बहाल कच्चे अध्यापक यूनियन, एसएसए/एमडीएम नॉन-टीचिंग इंप्लाइज यूनियन पंजाब तथा अनएडेड स्टाफ ऑफ एडेड स्कूल्स फ्रंट सहित शिक्षा विभाग की पांच यूनियनों ने सेवा सुरक्षा और अन्य मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपे। आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन पंजाब (सीटू) और जुझारू आंगनवाड़ी वर्कर/हेल्पर यूनियन पंजाब ने वेतन वृद्धि सहित विभिन्न मांगें सरकार के समक्ष रखीं। इसके अलावा एनलिस्टमेंट-आउटसोर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी ने वर्ष 2026 के प्रस्तावित कर्मचारी विधेयकों में आउटसोर्स कर्मचारियों को शामिल करने, सेवानिवृत्ति के बाद लाभ सुनिश्चित करने और निर्धारित न्यूनतम मजदूरी लागू करने की मांग उठायी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित