देहरादून , जुलाई 24 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में शुक्रवार को प्रदेश भर से पहुंचे लोगों की समस्याओं को सुना। इस दौरान, राज्य में निर्भीकता से जन समस्याओं के निराकरण में जुटे जन संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से घंटिया गुणवत्ता के सेनेटरी नैपकिन, सड़े और आकार में छोटे अंडे तथा निम्न गुणवत्ता एवं एक्सपायरी डेट के पोषाहार की आपूर्ति तत्काल बंद कराने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने मोर्चा अध्यक्ष, पूर्व दर्जाधारी राज्यमंत्री रघुनाथ सिंह नेगी और उनकी टीम को इस गम्भीर प्रकरण की जांच करा कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जन समस्या का संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार जनहित एवं सुशासन के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की जवाबदेही तभी सार्थक होगी, जब आम नागरिकों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा शिकायतकर्ता को समाधान की प्रगति से भी अवगत कराया जाए। उन्होंने गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप एवं आईजी राजीव स्वरूप को प्राप्त जन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का समाधान जिला अथवा विभागीय स्तर पर संभव है, उनका तत्काल निस्तारण किया जाए तथा जिन प्रकरणों में उच्च स्तर पर निर्णय अपेक्षित है, उन्हें शीघ्र आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाया जाए, जिससे प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समय पर न्याय एवं राहत मिल सके।

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