नयी दिल्ली , जून 11 -- गुजरात के अहमदाबाद में पिछले साल 12 जून को एआई171 विमान दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों में अबतक 91 प्रतिशत को एक-एक करोड़ रुपये का अंतिम मुआवजा मिल चुका है।
एयर इंडिया की लंदन जा रही उड़ान संख्या एआई171 अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही सेकेंड के भीतर एक सरकारी मेडिकल कॉलेज के होस्टल से टकरा गयी थी। हादसे में विमान में सवार 260 लोगों की जान गयी थी जिसमें 229 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य थे। अन्य 19 लोगों की जान जमीन पर दुर्घटना की चपेट में आने से हुई थी। विमान में सवार एक मात्र व्यक्ति जीवित बचा था जो भारतीय मूल का ब्रितानी नागरिक है।
एयर इंडिया द्वारा पीड़ित परिवारों पर अंतिम मुआवजा राशि स्वीकार करने के दबाव के आरोपों के बीच टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी ने गुरुवार को एक विस्तृत बयान में दोहराया कि 25-25 लाख रुपये की अंतरिम मुआवजा राशि के भुगतान का काम लगभग पूरा होने के बाद अंतिम मुआवजा राशि देने के लिए परिवारों से संपर्क किया गया है और परिवारों या पीड़ितों पर " एक तय समय सीमा में हमारा ऑफर स्वीकार करने के लिए कोई दबाव नहीं है"।
एयरलाइंस ने बताया है कि मृतकों में 96 प्रतिशत के परिवारों को अंतरिम मुआवजे का भुगतान कर दिया गया है। बाकी बचे मामलों में मुख्यतः ऐसे लोग हैं जिनके कागजात अधूरे हैं या पारिवारिक विवाद चल रहा है।
एयर इंडिया ने सभी मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की थी। इनमें से 91 प्रतिशत पीड़ित परिवारों को अंतिम मुआवजा राशि (एक-एक करोड़ रुपये) दी जा चुकी है। बयान में कहा गया है कि अन्य नौ प्रतिशत के मामले में "या तो कागजात पूरे नहीं हैं या परिवारों ने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है"।
जमीन पर हादसे के शिकार घायलों में भी 94 प्रतिशत को अंतरिम या अंतिम मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया है। अन्य घायलों के मामले में दुर्घटना के बाद हेल्पडेस्क से फॉर्म लिये गये थे, लेकिन वापस जमा नहीं कराये गये हैं।
एयर इंडिया ने बताया कि इसके अलावा यात्रियों के निजी सामानों की पहचान कर उन्हें उनके परिवारों को सौंपने का काम भी जारी है। कुल 187 यात्रियों के निजी सामानों की पहचान की गयी जिनमें से 139 के परिवारों को ये सामान वापस किये जा चुके हैं। अन्य मामलों में या तो कागजात अधूरे हैं या परिवारों ने सामान वापस लेने से मना कर दिया है।
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