अहमदाबाद , दिसंबर 06 -- गुजरात के अहमदाबाद में वायटूबी ने देश के रियल एस्टेट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए महिला संचालित विकास पहल शनिवार को शुरू की है। जिसके तहत महिलाओं के नाम पर प्रोपर्टी खरीदने वाले ग्राहक 1,00,000 रुपये का सुनिश्चित कैशबैक पाने के पात्र होंगे।

वायटूबी की सीईओ रजनी असारी ने इस अवसर पर यहां बताया कि भारत के पहले प्रगतिशील रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म यसटूब्रोकर (वायटूबी के नाम से लोकप्रिय है) ने गुजरात में अपनी पहुँच का विस्तार करने और रियल एस्टेट क्षेत्र में समावेशी विकास को तेज गति से आगे बढाने के उद्देश्य से कई रणनीतिक, महिला-केंद्रित पहलों की आज घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि अपने दीर्घकालिक विजन के तहत वायटूबी एक स्ट्रक्चर्ड प्रोग्राम शुरू कर रहा है जो प्रोत्साहन, उद्यमिता के अवसरों और कौशल विकास को एक साथ लाएगा। यह प्रोग्राम इस क्षेत्र में अधिक पारदर्शिता और आधुनिकीकरण के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कंपनी का स्थान मजबूत बनाएगा।

वायटूबी की सीईओ ने कहा किइन विभिन्न पहलों के शुभारंभ का मुख्य आकर्षण यसटूहर (वायईएसटूएचईआर) कैम्पेइन है, जो महिलाओं को प्रोपर्टी की मालिकी के लिए प्रोत्साहित करने के लिए बनाया गया है। इस पहल के तहत, महिलाओं के नाम पर प्रोपर्टी खरीदने वाले ग्राहक 1,00,000 रुपये का सुनिश्चित कैशबैक पाने के पात्र होंगे। अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, वायटूबी महिलाओं को चैनल पार्टनर के रूप में शामिल करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम शुरू कर रही है जिसका उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में भारत के सबसे बडे महिला-नेतृत्व वाले सेल्स और डिस्ट्रीब्युशन नेटवर्कों में से एक का निर्माण करना है। इन प्रयासों से प्रमुख मेट्रो शहरों और उच्च-संभावना वाले उभरते बाजारों में कंपनी की उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

सुश्री रजनी ने कहा, "सुनिश्चित कैशबैक के अलावा, देश में प्रोपर्टी की मालिक महिलाओं को विभिन्न सरकारी और वित्तीय लाभ भी मिलते हैं, जिससे यह पहल और भी अधिक फायदेमंद हो जाती है। कई राज्यों में महिलाओं के लिए स्टैम्प ड्यूटी की दरें कम हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रोपर्टी के रजिस्ट्रेशन के दौरान महत्वपूर्ण बचत होती है। महिलाओं को अक्सर होम लोन पर कम ब्याज दर की सुविधा भी मिलती है, जिससे प्रोपर्टी के स्वामित्व की कुल लागत कम हो जाती है।" इसके अतिरिक्त, महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड हुई प्रोपर्टीयों के लिए कर लाभ भी उपलब्ध हैं, जिससे ऋण ब्याज भुगतान पर महत्वपूर्ण कटौती मिलती है। प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) जैसी योजनाओं के तहत, सह-स्वामित्व की अधिकारी महिला, सब्सिडी और ब्याज लाभ के लिए पात्र हैं, जिससे वित्तीय समावेशन और गृह स्वामित्व को और मजबूती मिलती है।

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