ग्लासगो , जुलाई 31 -- भारत की अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने शुक्रवार को इतिहास रचते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रमशः महिला और पुरुष वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिए।
महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में अस्मिता ने कनाडा की हाइडी क्वाच को युको (2-1) के आधार पर हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हर्ष सिंह 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ओलंपियन जोशुआ काट्ज़ को हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडोका बने।
अस्मिता डे भारत की उभरती हुई जूडो खिलाड़ी हैं, जो त्रिपुरा के दक्षिण त्रिपुरा जिले के बेलोनिया की रहने वाली हैं। साधारण परिवार से आने वाली अस्मिता के पिता साइकिल मैकेनिक हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने जूडो में अपना करियर बनाया।
अस्मिता ने शुरुआत में 800 मीटर दौड़ में एथलेटिक्स खेला, लेकिन अपने पहले कोच की सलाह पर जूडो अपनाया। इसके बाद वर्ष 2015 में उन्होंने त्रिपुरा स्पोर्ट्स स्कूल में प्रवेश लिया।
नेशनल स्कूल गेम्स और खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के बाद वर्ष 2018 में उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के रीजनल सेंटर, भोपाल (एनसीओई) में प्रशिक्षण का अवसर मिला। तब से वह एनसीओई भोपाल में प्रशिक्षण ले रही हैं।
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