पटना, जून 27 -- िहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण के माध्यम से संपर्कता का दायरा लगातार बढ़ा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना और ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से लाखों ग्रामीणों तक बारहमासी सड़क संपर्कता पहुंचाई जा चुकी है। अब ग्रामीण कार्य विभाग ग्रामीण संपर्कता को अगले चरण में ले जाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी उद्देश्य से संचालित सुलभ संपर्कता योजना के तहत ऐसे गांवों और बसावटों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनका सीधा और सुगम संपर्क अस्पताल, बाजार, प्रखंड मुख्यालय, जिला मुख्यालय तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से नहीं है। इस दिशा में सुलभ संपर्कता योजना के माध्यम से ऐसे वैकल्पिक और नए मार्ग तैयार किए जा रहे हैं, जिनसे ग्रामीण क्षेत्रों की दूरी प्रमुख सेवाओं और संस्थानों तक कम हो सके। योजना के तहत पुराने, लंबे अथवा कम उपयोगी मार्गों के स्थान पर अधिक सुविधाजनक संपर्क पथों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को अस्पताल, बाजार और जिला मुख्यालय तक पहुंचने में कम समय लगे।इस दिशा में सुलभ संपर्कता योजना के तहत अब तक 65 परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 56 परियोजनाओं पर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। वहीं 06 परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं, 02 परियोजनाओं को तकनीकी एवं प्रशासनिक कारणों से ड्रॉप किया गया है तथा 01 परियोजना को फिलहाल स्थगित रखा गया है।
इस योजना के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अस्पतालों तक त्वरित पहुंच, किसानों को अपनी उपज बाजारों तक पहुँचाने में सुविधा, विद्यार्थियों को शैक्षणिक संस्थानों तक बेहतर पहुंच तथा आम नागरिकों को जिला एवं प्रखंड मुख्यालयों तक सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। ग्रामीण कार्य विभाग की यह पहल राज्य में ग्रामीण संपर्कता को अधिक उपयोगी, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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