चंडीगढ़ , जून 06 -- पंजाब की पूर्व मंत्री प्रो लक्ष्मीकांता चावला ने पुलिस द्वारा पावरकॉम मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे अप्रेंटिस लाइनमैन और आईटीआई पास बेरोजगार युवाओं पर किये गये लाठीचार्ज की कड़ी आलोचना की है।
उन्होंने इसे सरकार की ओर से किया गया अन्यायपूर्ण कदम बताया।
शनिवार को यहां जारी बयान में प्रो चावला ने कहा कि पांच जून को 2600 अप्रेंटिस लाइनमैन यूनियन तथा आईटीआई पास बेरोजगार युवा अपनी मांगों को लेकर पावरकॉम मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी अपनी सेवाएं नियमित करने और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। उनका कहना था कि वे तकनीकी परीक्षाएं पास कर चुके हैं, लेकिन उन्हें नियुक्ति नहीं दी जा रही।
प्रो चावला ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पंजाब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज किया, जिसमें कई युवाओं के घायल होने की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के साथ भी बल प्रयोग किया गया तथा कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री चाहें तो कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाल सकते थे। उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब सरकार पहले भी ठेका कर्मचारियों को ठेका प्रथा से मुक्त करने तथा आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी संरक्षण देनेकी घोषणा कर चुकी है।
प्रो लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि यह संभव है कि सरकार सभी बेरोजगार युवाओं को तुरंत रोजगार न दे सके, लेकिन उनकी मांगों के जवाब में लाठीचार्ज करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए, उन्हें वास्तविक परिस्थितियों से अवगत कराना चाहिए और जहां तक संभव हो उनकी सहायता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाई गयीं, उससे ऐसा प्रतीत नहीं होता कि एक स्वतंत्र देश की पुलिस और उसी देश के नागरिक आमने-सामने बैठे हों। उन्होंने सरकार से युवाओं और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से करने की अपील की।
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