प्रयागराज , अप्रैल 19 -- उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर पुनर्परीक्षा रविवार को दूसरे दिन प्रदेश के छह जिलों के 48 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हुई। आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपी डॉ. प्रशांत कुमार ने प्रयागराज के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।

कर्नलगंज इंटर कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्र के निरीक्षण के दौरान डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि दो दिनों में चार पालियों में आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर पुनर्परीक्षा शांतिपूर्ण और सकुशल ढंग से संपन्न कराई गई है। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुरूप परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने कई सख्त कदम उठाए हैं। सरकार की नीति है कि सभी भर्ती परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित हों।

आयोग अध्यक्ष ने बताया कि रविवार को छह जिलों में आठ विषयों की परीक्षा कराई गई। सभी केंद्रों पर परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि इस बार प्रयागराज से एक नई पहल शुरू की गई है, जिसके तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में परीक्षा कक्ष में ही ओएमआर शीट स्कैन की जा रही है। इससे परीक्षार्थियों की उपस्थिति और अन्य तकनीकी त्रुटियों की संभावना समाप्त होगी।

डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि पहले परीक्षा से जुड़े सभी कार्य एक ही एजेंसी द्वारा कराए जाते थे, लेकिन अब विभिन्न जिम्मेदारियां अलग-अलग एजेंसियों को सौंपी गई हैं, जिससे व्यवस्था अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनी है।

उन्होंने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर पुनर्परीक्षा को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश का भी परीक्षण कराया जा रहा है। न्यायालय के आदेश का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आयोग अध्यक्ष ने दावा किया कि चारों पालियों में परीक्षा निष्पक्ष ढंग से आयोजित हुई और किसी भी केंद्र से गड़बड़ी की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र का स्तर अच्छा रखा गया था तथा सिलेबस के सभी हिस्सों से प्रश्न शामिल किए गए। आयोग का प्रयास है कि योग्य और मेधावी अभ्यर्थियों को आगे आने का अवसर मिले तथा चयन प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से पूरी हो।

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