श्रीनगर , मई 13 -- जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के नेता और विधायक तनवीर सादिक़ ने बुधवार को विपक्ष के नेता सुनील कुमार शर्मा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि असम से लौटने के बाद वह "जम्मू-कश्मीर की राजनीति भूल गये हैं।"श्री शर्मा ने हाल ही में कहा था कि नेशनल कांफ्रेंस एक "डूबता जहाज" है और किसी भी हालत में डूब जाएगा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारूढ़ दल के मुख्य प्रवक्ता श्री सादिक ने कहा कि भाजपा नेता जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक वास्तविकताओं से कट चुके हैं और विपक्ष के नेता का पद खोने के डर से बेबुनियाद बयान दे रहे हैं।

श्री सादिक ने श्रीनगर में संवाददाताओं से कहा, "वह सपने देख रहे हैं। वह असम से आ चुके हैं और जम्मू-कश्मीर की राजनीति भूल गए हैं। मैं उन्हें फिर से जगाना चाहता हूं। मैं उनके घर जाऊंगा और उन्हें कॉफी पिलाऊंगा ताकि उन्हें समझ में आए कि यह जम्मू-कश्मीर है, असम नहीं।"उल्लेखनीय है कि श्री शर्मा 2026 के असम विधानसभा चुनाव में भाजपा के चुनाव सह-प्रभारी के रूप में कार्य कर चुके हैं। श्री सादिक़ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता ने नेशनल कांफ्रेंस को स्पष्ट जनादेश दिया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) दोनों को खारिज कर दिया है।

उन्होंने कहा, "लोगों ने चुनाव में बड़ी भागीदारी निभाई और जनादेश नेशनल कॉन्फ्रेंस को दिया, न कि भाजपा और न ही पीडीपी को। नेशनल कॉन्फ्रेंस यहां बनी रहेगी और पांच साल बाद भी सत्ता में लौटेगी।"श्री सादिक ने मैराथन और खेल गतिविधियों का बचाव करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं और जनभागीदारी को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, "जो लोग क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेल खेलते हैं, वे ऐसी गतिविधियों का महत्व जानते हैं। वे लोग दौड़ और मैराथन की बातें इसलिए करते रहते हैं क्योंकि उन्हें और कुछ समझ नहीं आता।"श्री सादिक ने आरोप लगाया कि श्री शर्मा अपनी ही पार्टी में दबाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "वे विधानसभा में विफल रहे और अब उन्हें डर है कि विपक्ष के नेता का पद भी उनसे छीना जा सकता है। इसलिए वह ऐसे बयान दे रहे हैं।"श्री सादिक ने "पिछले दरवाजे से नियुक्तियों" के पीडीपी द्वारा लगाये गये आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि पीडीपी अपने शासनकाल में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में लिप्त रही है। उन्होंने पीडीपी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि वे वर्तमान सरकार या उसके किसी मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी मामला सामने लाकर दिखाएं।

उन्होंने कहा, "वे एक ऐसे व्यक्ति की पहचान करें जो कह सके कि हमारी सरकार या किसी मंत्री ने एक रुपया भी लिया हो। अन्यथा पूरी दुनिया जानती है कि उनके अपने रिश्तेदार तबादलों और नियुक्तियों के लिए दरें तय करने वाली सूचियों के साथ बैठते थे।"उन्होंने किसी का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि पीडीपी नेताओं ने अपने शासनकाल में भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दिया और अब एनसी सरकार पर "झूठे आरोप" लगा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पीडीपी शासन में तबादलों और नियुक्तियों को कथित रूप से धन कमाने का जरिया बना दिया गया था और अब पार्टी अपने रिकॉर्ड से ध्यान हटाने के लिए लगातार आरोप लगा रही है।

श्री सादिक ने शराब बिक्री को लेकर आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस शासन की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राठर के 15 वर्ष के कार्यकाल या पिछले डेढ़ वर्ष में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के शासन के दौरान एक भी ऑफलाइन शराब लाइसेंस जारी नहीं किया गया।

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