ईटानगर , मई 26 -- असम राइफल्स की खोंसा बटालियन ने अरुणाचल प्रदेश के तिरप जिले में अशोक चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित शहीद हंगपन दादा के 10वें बलिदान दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया।
इस आयोजन के तहत, सोमवार को तिरप जिले के बोरदुरिया गाँव के तोवांग लोवांगडोंग सभागार में एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों, छात्रों, नागरिक गणमान्य व्यक्तियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय हवलदार हंगपन दादा के साहस, समर्पण और निस्वार्थ सेवा को नमन किया गया, जिनका देश सेवा में दिया गया बलिदान आज भी नई पीढ़ियों को प्रेरित कर रहा है।
कार्यक्रम में बोरदुरिया-बोगापानी के विधायक वांगलिन लोवांगडोंग, तिरप के उपायुक्त टेकू अरन, अतिरिक्त उपायुक्त नवनीत सिंह, पुलिस अधीक्षक आदित्य, जिला परिषद अध्यक्ष जॉन केके माटे और छह भैरव के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल कुलभूषण शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
इस सांस्कृतिक संध्या में देशभक्ति के गीत, नाटक और स्वर्गीय हवलदार के जीवन, वीरता व बलिदान को दर्शाने वाली एक वृत्तचित्र दिखाई गई। इस वीर योद्धा के परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों ने भी भावुक होकर उनके साथ बिताए पलों को साझा किया और देश के प्रति उनके अटूट समर्पण को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
मंगलवार को इस अवसर पर बोरदुरिया में स्वर्गीय हवलदार के स्मारक पर पुष्पांजलि समारोह का आयोजन किया गया। विधायक लोवांगडोंग, उपायुक्त टेकू अरन, पुलिस अधीक्षक आदित्य सिंह, देवमाली के अतिरिक्त उपायुक्त बी तावसिक और शहीद की पत्नी चासेन लोवांग दादा ने स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किए।
गर्व, कृतज्ञता और भावुकता से भरे माहौल में सेना के अधिकारियों, जवानों और स्थानीय निवासियों ने माटी के इस लाल को नमन किया। वक्ताओं ने याद किया कि स्वर्गीय हंगपन दादा का बलिदान और देशभक्ति पूरे देश को प्रेरित करती रहेगी और यह साहस, निस्वार्थ सेवा व कर्तव्य के प्रति निष्ठा का एक शाश्वत उदाहरण है।
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