गुवाहाटी , जनवरी 23 -- असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ने हाल ही में संपन्न मतदाता सूची में विशेष पुनरीक्षण ( एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को पत्र लिखा है। श्री सैकिया ने अपने पत्र में नाज़िरा विधानसभा क्षेत्र में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।

पत्र में श्री सैकिया ने कहा कि नाज़िरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नंबर 9, देवपानी गोहाईं गांव के कई स्थायी निवासियों ने 21 जनवरी 2026 को जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखित शिकायतें सौंपी थीं। इनमें आरोप लगाया गया कि पात्र मतदाता होने के बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। उन्होंने बताया कि इन शिकायतों की प्रतियां शिवसागर के जिला आयुक्त को भी भेजी गई हैं।

इस बीच, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने भी सत्तारूढ़ भाजपा पर विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया को जनता के उत्पीड़न का माध्यम बनाने का आरोप लगाया है।

एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम ने हाल ही में कहा, "भाजपा अवैध रूप से वोटों में हेरफेर करने का खतरनाक खेल खेल रही है। विशेष पुनरीक्षण के नाम पर असम में जो हो रहा है, वह लोकतंत्र के लिए गंभीर झटका है। भाजपा सरकार में लोकतंत्र स्वयं संकट में है।"उन्होंने इसे असम में हालिया बेदखली अभियानों से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि जिन लोगों को पहले ही बेदखल किया गया है, उनके नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।

श्री इस्लाम के अनुसार, अब तक करीब 26.84 लाख लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 51,000 आपत्तियों को खारिज कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि एआईयूडीएफ इस मुद्दे पर कानूनी कार्रवाई करेगी।

असम महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर ने दावा किया कि भाजपा ई-केवाईसी सत्यापन की आड़ में दिसपुर विधानसभा क्षेत्र से करीब 6,000 मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर रही है।

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