गुवाहाटी , फरवरी 16 -- असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने चुनाव से कुछ ही महीने पहले पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
श्री बोरा जुलाई 2021 से प्रदेश में पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे, उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस के बड़े नेताओं जिनमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल हैं, को भेज दिया है। उन्होंने 2006 से 2016 तक असम विधानसभा में बिहपुरिया सीट का प्रतिनिधित्व किया था। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद श्री बोरा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से अपना नाम भी हटा दिया।
श्री बोरा का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब असम में कांग्रेस ने राज्य भर के लोगों की ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए 'बदलाव की यात्रा' शुरू की थी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रोंगानोडी सीट से कांग्रेस टिकट के एक बड़े दावेदार भी थे, वह प्रदेश पार्टी अध्यक्ष गौरव गोगोई के साथ परिवर्तन यात्रा में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे थे।
श्री बोरा ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, " मैंने अपना इस्तीफ़ा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया है, और मैंने अपने कारण विस्तृत में बताये हैं। मैंने अपनी ज़िंदगी के 32 साल पार्टी को दिये हैं, और ज़ाहिर है, मैंने राजनीति से रिटायरमेंट लेने के लिए इस्तीफ़ा नहीं दिया है। "उन्होंने कहा कि इस पुरानी पार्टी के भविष्य को लेकर कुछ कारण हैं और उन्होंने पार्टी हाईकमान को अपने इस्तीफ़े के कारण बता दिये हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह भाजपा में शामिल होंगे, श्री बोरा ने कहा कि उन्होंने अभी अपने भविष्य के कदम के बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया है। उन्होंने कहा, " मैंने आपको वह सब कुछ बता दिया है, जो मैं बता सकता था। हालांकि, अभी तक किसी भी पार्टी ने मुझे कुछ भी ऑफ़र नहीं किया है। मैं जो भी फ़ैसला लूंगा, मैं असम के लोगों को सही समय पर बता दूंगा। "पार्टी के अदंरूनी लोगों ने इशारा किया कि पार्टी के आम कार्यकर्ता के बीच राय में मतभेद हैं। हाल ही में पार्टी हाईकमान ने हालांकि श्री बोरा को दूसरी क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों के साथ गठबंधन से जुड़े मामलों को देखने के लिए कहा था, लेकिन श्री गौरव गोगोई के करीबी कुछ दूसरे पार्टी नेताओं के दखलसे उन्हें नुकसान हुआ है।
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