लखनऊ , जुलाई 9 -- उत्तर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एआईसीसी सदस्य अशोक सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है।

इस्तीफे में उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पर नाराजगी जताते हुए इसे अपने फैसले की प्रमुख वजह बताया है। अशोक सिंह ने पत्र में लिखा है कि वह पिछले 35 वर्षों से कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता रहे हैं। वर्तमान में वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य हैं और लगभग 20 वर्षों से इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे थे। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में संगठन मंत्री और लंबे समय तक पार्टी के प्रवक्ता भी रह चुके हैं।

उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया। उन्होने इस कार्रवाई पर असहमति जताते हुए कहा कि उन्होंने एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस संगठन में विभिन्न पदों पर रहकर तीन दशक से अधिक समय तक पार्टी की सेवा की है। इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि इसी विरोध के चलते वह कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं।

श्री सिंह ने अपने इस्तीफे की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के प्रभारी सचिव तथा प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति को भी भेजी है। अशोक सिंह का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के मद्देनज़र मजबूत करने की कोशिशों में जुटी है। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेता के इस्तीफे को संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित