टिहरी , मई 15 -- उत्तराखंड में टिहरी गढवाल जिले में अवैध हथियारों एवं गोला-बारूद की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय अवैध शस्त्र निगरानी समिति की बैठक में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को कई अहम निर्देश जारी किए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने जिले के सभी प्रवेश एवं निकास बिंदुओं पर बड़े स्तर पर सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की गहन तलाशी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही अन्य राज्यों से उत्तराखंड में स्थानांतरित हुए शस्त्र लाइसेंसों का विशेष अभियान चलाकर 15 दिनों के भीतर सत्यापन पूरा करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार कर उनकी हिस्ट्रीशीट बनाई जाए, ताकि अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को जिले में संचालित हथियार एवं गोला-बारूद से संबंधित फैक्ट्रियों तथा गन हाउसों का समय-समय पर औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति सामान्य सीमा से अधिक कारतूसों की खरीद करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गन हाउस संचालकों को सीसीटीवी फुटेज का लगभग एक वर्ष तक बैकअप सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा प्रशासन ने बार, पब और अन्य रात्रिकालीन प्रतिष्ठानों के संचालन समय को लेकर भी सख्ती दिखाई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्रतिष्ठान संचालित पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी एवं क्षेत्राधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में राइफल क्लब के पंजीकरण और शस्त्र जारी करने संबंधी शर्तों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, प्रभागीय वनाधिकारी पुनीत तोमर, एसडीएम टिहरी कमलेश, अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सहित सभी उपजिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
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