सूरजपुर , अक्टूबर 29 -- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ अवैध प्रेम संबंधों के चलते पत्नी और उसके प्रेमी ने पति की निर्मम हत्या कर दी। लगभग डेढ़ साल पुराने इस मामले में आज न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर न्याय का शंखनाद किया है।

तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश डायमंड कुमार गिलहरे ने कोतवाली थाना क्षेत्र के नमदगिरी ग्राम में सुनील देवांगन की हत्या के मामले में आरोपी उसकी पत्नी लक्ष्मी देवांगन और प्रेमी रामकुमार केंवट को दोषी ठहराया। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत दोनों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा, सबूतों के साथ छेड़छाड़ (धारा 201) के मामले में दोनों को दो साल के सश्रम कारावास और एक अलग 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

मामला लगभग डेढ़ वर्ष पुराना है, जब सुनील देवांगन का शव एक खेत में मिला था। पुलिस की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सूरजपुर के एडिशनल एसपी संतोष महतो ने बताया, "हमारी जांच में पता चला कि लक्ष्मी और रामकुमार के अवैध संबंधों का पता चलने पर सुनील ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद दोनों ने साजिश रचकर उसकी हत्या कर दी और शव को खेत में फेंक दिया। डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक जांच ने इस मामले में निर्णायक भूमिका निभाई।"न्यायाधीश गिलहरे ने फैसले में डॉग स्क्वाड, फॉरेंसिक सबूतों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स को दोषसिद्धि का आधार बताया है।

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